ओलावृष्टि की चपेट में आई दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो फ्लाइट, टूट गया विमान का अगला हिस्सा
21 मई 2025 की शाम को दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 2142 में बैठे यात्रियों को उस समय एक डरावने अनुभव से गुजरना पड़ा, जब विमान आसमान में अचानक आए ओलावृष्टि तूफान (Hailstorm) की चपेट में आ गया.
नई दिल्ली: 21 मई 2025 की शाम को दिल्ली से श्रीनगर जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E 2142 में बैठे यात्रियों को उस समय एक डरावने अनुभव से गुजरना पड़ा, जब विमान आसमान में अचानक आए ओलावृष्टि तूफान (Hailstorm) की चपेट में आ गया. इस घटना में 200 से अधिक यात्रियों की सांसें थम सी गई थीं. विमान में मौजूद ओवैस मकबूल ने सोशल मीडिया पर इस घटना को साझा करते हुए लिखा, “मैं फ्लाइट में था और अब श्रीनगर से घर जा रहा हूं. यह मौत को करीब से देखने जैसा अनुभव था. विमान का अगला हिस्सा (नोज) क्षतिग्रस्त हो गया है... लोग डर के मारे चीखने लगे थे.” उनके इस बयान से उस पल की दहशत को महसूस किया जा सकता है.
सुरक्षित हुई लैंडिंग
श्रीनगर एयरपोर्ट पर शाम 6:30 बजे फ्लाइट ने सुरक्षित लैंडिंग की. इंडिगो की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, “विमान और केबिन क्रू ने सभी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया. सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. एयरपोर्ट टीम ने विमान के पहुंचते ही यात्रियों का स्वागत कर उनकी सहूलियत और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी.”
टूट गया विमान का अगला हिस्सा
विमान की जांच के बाद ही दोबारा उड़ान
फ्लाइट लैंड होने के बाद, एयरलाइन ने विमान को 'Aircraft on Ground' घोषित किया है. इसका मतलब है कि अब विमान की पूरी तकनीकी जांच और मरम्मत के बाद ही वह दोबारा उड़ान भरेगा. अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार, विमान का नोज सेक्शन क्षतिग्रस्त हुआ है, जो ओलावृष्टि के कारण हुआ.
विमान में ओलावृष्टि से खतरा क्यों?
विमान जब मौसम की खराब स्थिति, जैसे ओलावृष्टि, में फंसता है, तो वह विमान के शरीर और विंडशील्ड को नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि पायलट्स ऐसे समय पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं कि विमान को कैसे सुरक्षित उतारा जाए. यही वजह रही कि इंडिगो के पायलट्स ने तेजी से फैसला लिया और फ्लाइट को सही-सलामत लैंड कराया.