नई दिल्ली: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ी और ऐतिहासिक छलांग लगाई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश का कुल रक्षा उत्पादन ₹1,50,590 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. यह पहली बार है जब भारत ने यह आंकड़ा पार किया है. यह शानदार उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की सफलता को दर्शाती है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सरकारी रक्षा कंपनियों (DPSUs) और निजी उद्योग सहित सभी की कड़ी मेहनत की सराहना की है. उन्होंने कहा, "यह लगातार बढ़ता हुआ आंकड़ा इस बात का साफ संकेत है कि भारत का रक्षा औद्योगिक आधार तेज़ी से मज़बूत हो रहा है."
कितनी बड़ी है यह सफलता?
यह कामयाबी कितनी बड़ी है, इसका अंदाज़ा आप इन आंकड़ों से लगा सकते हैं:
- यह पिछले साल (2023-24) के ₹1.27 लाख करोड़ के उत्पादन से 18% ज़्यादा है.
- अगर पांच साल पहले, यानी 2019-20 से तुलना करें, तो यह बढ़ोतरी लगभग 90% की है. उस समय भारत का रक्षा उत्पादन सिर्फ ₹79,071 करोड़ था.
I commend the collective efforts of the Department of DefenceProduction and all stakeholders i.e., DPSUs, public sector manufacturers, and the private industry in achieving this landmark. This upward trajectory is a clear indicator of India's strengthening defence industrial…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 9, 2025
निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी
इस रिकॉर्ड उत्पादन में सरकारी और निजी, दोनों ही क्षेत्रों ने अहम भूमिका निभाई है.
- कुल उत्पादन का लगभग 77% हिस्सा सरकारी रक्षा कंपनियों (DPSUs) और अन्य सरकारी यूनिट्स ने तैयार किया.
- वहीं, निजी क्षेत्र का योगदान भी बढ़कर 23% हो गया है, जो पिछले साल 21% था.
खास बात यह है कि पिछले साल की तुलना में निजी क्षेत्र के उत्पादन में 28% की तूफानी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सरकारी क्षेत्र में यह वृद्धि 16% रही. यह दिखाता है कि अब प्राइवेट कंपनियां भी रक्षा निर्माण में तेज़ी से आगे आ रही हैं.
कामयाबी के पीछे की वजह
इस बड़ी सफलता के पीछे सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में किए गए नीतिगत सुधार, व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) और स्वदेशीकरण पर दिया गया ज़ोर है. माना जा रहा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद देश में स्वदेशी हथियार बनाने (Homegrown Weapons Boom) पर जो ज़ोर दिया गया, यह उसी का सकारात्मक नतीजा है.
सिर्फ बना ही नहीं, बेच भी रहा है भारत
भारत अब सिर्फ अपने लिए ही हथियार नहीं बना रहा, बल्कि दुनिया को बेच भी रहा है. इसी वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा निर्यात (Defence Exports) भी बढ़कर ₹23,622 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. यह दिखाता है कि 'मेड इन इंडिया' हथियारों की मांग और भरोसा पूरी दुनिया में बढ़ रहा है.
कुल मिलाकर, यह रिकॉर्ड उत्पादन भारत के लिए एक बड़ी जीत है. इससे न केवल देश की सुरक्षा मज़बूत होगी, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और भारत दुनिया के एक बड़े रक्षा उत्पादक देश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है.













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