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Indian Renaissance: The Modi Decade; गृह मंत्री अमित शाह ने 'इंडियन रेनेसां; द मोदी डिकेड' पुस्तक का किया विमोचन

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में "इंडियन रेनेसां: द मोदी डिकेड" पुस्तक का विमोचन किया.

Indian Renaissance: The Modi Decade; गृह मंत्री अमित शाह ने 'इंडियन रेनेसां; द मोदी डिकेड' पुस्तक का किया विमोचन
(Photo Credits Twitter)

नई दिल्ली, 31 जनवरी : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में "इंडियन रेनेसां: द मोदी डिकेड" पुस्तक का विमोचन किया. इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, पुस्तक की संपादक ऐश्वर्या पंडित सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे.

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल ने एक युग का अंत और एक नए युग की शुरुआत की है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब भी भारत का इतिहास फिर से लिखा जाएगा, तो पीएम मोदी के कट्टर आलोचक भी इन 10 वर्षों को स्वर्ण अक्षरों में स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा कि 2014 में भारत ने एक नए युग में प्रवेश किया, तीन दशकों के बाद एक स्थिर सरकार मिली, जिससे देश के हर हिस्से में सफलता मिली. यह भी पढ़ें : कर्नाटक उच्च न्यायालय सी. टी. रवि के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के मामले की जांच करेगा

केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि इस परिवर्तन की विभिन्न तरीकों से व्याख्या की गई है, एक विदेशी अखबार ने तो यहां तक लिख दिया कि भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता मिली, लेकिन 2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने सही मायने में औपनिवेशिक प्रभावों से मुक्ति पाई.

उन्होंने कहा कि हमारे देश को 15 अगस्त 1947 को औपनिवेशिक शासन की लंबी अवधि से आजादी मिली थी. उन्होंने आगे बताया कि भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, जो अपने खुलेपन के लिए जानी जाती है - चाहे वह नए विचारों को अपनाने की बात हो, विदेशी नागरिकों का स्वागत करने की बात हो या विविध भाषाओं को स्वीकार करने की बात हो.

गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जिसने कई सभ्यताओं को अपनाया है, अपनी परंपराओं को संशोधित किया है और अपने सार को संरक्षित करते हुए अपनी यात्रा जारी रखी है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत कई भाषाओं, संस्कृतियों, बोलियों और धर्मों को बनाए रखने की अपनी क्षमता में अद्वितीय है, जो एक राष्ट्र के रूप में एक साथ प्रगति करते हुए परस्पर सम्मान के साथ सह-अस्तित्व में हैं.

पुस्तक की संपादक ऐश्वर्या पंडित ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "यदि आप चारों ओर देखेंगे तो आपको परिवर्तन दिखाई देगा... मैंने पिछले 10 वर्षों में हुए परिवर्तनों को कागज पर उतारने की कोशिश की है. हमने औसत परिवार पर डिजिटलीकरण के प्रभाव पर भी गौर किया."

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में कई सुधार हुए हैं, जिससे समग्र विकास में तेजी आई है. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हर क्षेत्र का आकार और पैमाना काफी हद तक विस्तारित हुआ है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि दुनिया की सबसे बड़ी महामारी कोविड-19 के दौरान भारत इस संकट का सबसे कुशलता से प्रबंधन करेगा. प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से देश ने अपनी 1.3 बिलियन आबादी का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया और निर्बाध रूप से टीकाकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत कोविड-19 वैक्सीन विकसित करने वाले पहले देशों में से एक था और इसे 100 से अधिक देशों को आपूर्ति की गई.

अमित शाह ने कहा कि भविष्य में भारत का इतिहास तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित होगा. पहला भाग "स्वतंत्रता से पहले का भारत और स्वतंत्रता के बाद का भारत", दूसरा भाग "आपातकाल से पहले का भारत और आपातकाल के बाद का भारत" और तीसरा भाग "पीएम मोदी से पहले का भारत और पीएम मोदी के बाद का भारत" होगा.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई नेता कड़ी मेहनत, लगन, साफ दिल और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ अपने देश का मार्गदर्शन करता है, तो इतिहास उसे नजरअंदाज नहीं कर सकता.

केंद्रीय मंत्री शाह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत की स्वतंत्रता की 25वीं और 50वीं वर्षगांठ के दौरान, कार्यक्रम मुख्य रूप से स्कूलों, पंचायतों और सरकारी भवनों में आयोजित किए गए थे, तथा विधान सभाओं और संसद में प्रस्ताव पारित किए गए थे.

हालांकि, स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ बहुत बड़े पैमाने पर मनाई गई, जिसमें कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद आठ लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए.

उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी को श्रेय दिया कि नई पीढ़ी 1857 से 1947 तक के स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में जाने और स्वतंत्रता के गुमनाम नायकों को उनका उचित सम्मान मिले. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश को पिछले 75 वर्षों की अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के लिए प्रोत्साहित किया और नागरिकों को 15 अगस्त 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध होने के लिए प्रेरित किया.

केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का स्पष्ट लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प के रूप में जो शुरू हुआ वह अब 130 करोड़ भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा बन गया है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत के युवा 2047 तक देश को नंबर एक वैश्विक शक्ति बनाने के पीछे प्रेरक शक्ति होंगे, उन्होंने कहा कि पीएम मोदी मानते हैं कि यदि प्रत्येक भारतीय एक कदम आगे बढ़ता है, तो देश 130 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा.

कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए गृह मंत्री शाह ने याद दिलाया कि कैसे पूरे देश ने पीएम मोदी के 'जनता कर्फ्यू' के आह्वान का पालन किया और घर के अंदर रहे. उन्होंने इस प्रतिक्रिया की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा की गई उपवास की अपील पर जनता की प्रतिक्रिया से की, यह दर्शाता है कि यह उन दुर्लभ क्षणों में से एक था जब नागरिकों ने पूरे दिल से किसी नेता के आह्वान का पालन किया. केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा को सही मायने में समझने के लिए, किसी को 2001 से 2025 तक के उनके कार्यकाल से आगे देखना चाहिए और उससे पहले उनके 40 साल के कार्यकाल पर विचार करना चाहिए.

उन्होंने पीएम मोदी को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने हमेशा दूसरों के कल्याण को प्राथमिकता दी है और कभी भी निजी लाभ के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग नहीं किया है. शाह ने साहसिक सुधारों को लागू करने और कठोर निर्णय लेने के लिए पीएम मोदी की प्रशंसा की, जिसका जनता ने लगातार समर्थन किया है, जिसके कारण उन्हें बार-बार चुनावी जीत मिली है.

गृह मंत्री शाह ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व के पिछले 10 साल भारत के अगले 25 वर्षों की नींव के रूप में काम करते हैं, जिसे "अमृत काल" के रूप में जाना जाता है.

अमित शाह ने 60 करोड़ गरीब लोगों को घर, गैस कनेक्शन, शौचालय, पेयजल, 5 लाख रुपये तक का मुफ्त चिकित्सा उपचार और पांच किलो मुफ्त खाद्यान्न सहित अन्य लाभों सहित विभिन्न कल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डाला. उन्होंने गुजरात और दिल्ली दोनों में क्रांतिकारी परिवर्तन शुरू करने का श्रेय पीएम मोदी को दिया. केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम मोदी की उपलब्धियों को दुनिया भर में मान्यता मिली है.

उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी आज एकमात्र वैश्विक नेता हैं, जिन्हें 16 अलग-अलग देशों के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. पीएम मोदी की तुलना महात्मा गांधी से करते हुए शाह ने कहा कि राष्ट्र पिता के बाद पीएम मोदी ही एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता को प्राथमिकता दी है और 13 करोड़ घरों में शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित किया है.

पिछले एक दशक में देश की प्रगति पर विचार करते हुए उन्होंने कहा कि 10 साल पहले भारत का शासन नीतिगत पक्षाघात से चिह्नित था, जबकि आज इसे "प्रदर्शन की राजनीति" द्वारा परिभाषित किया जाता है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2047 तक भारत पूरी तरह से विकसित हो जाएगा, वैश्विक मंच पर छा जाएगा और अपनी गहरी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को बनाए रखेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 31, 2025 08:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).