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India-UAE Relations: पीएम मोदी की 'मंदिर कूटनीति' से भारत-यूएई संबंधों को मिला बढ़ावा

'बसंत पंचमी' का शुभ अवसर भारतीय कूटनीति के इतिहास में एक अनोखे और यादगार दिन के रूप में दर्ज हो गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में पहले 'हिंदू मंदिर' का उद्घाटन किया.

India-UAE Relations: पीएम मोदी की 'मंदिर कूटनीति' से भारत-यूएई संबंधों को मिला बढ़ावा
PM Modi UAE Visit (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली, 15 फरवरी : 'बसंत पंचमी' का शुभ अवसर भारतीय कूटनीति के इतिहास में एक अनोखे और यादगार दिन के रूप में दर्ज हो गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में पहले 'हिंदू मंदिर' का उद्घाटन किया. यह अरब जगत के एक महत्वपूर्ण देश में भारत के सांस्कृतिक पदचिह्न के विस्तार का प्रतीक है. जब 'वैश्विक आरती' हुई तो यह सब न केवल संयुक्त अरब अमीरात में, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी भारत की 'बढ़ती उपस्थिति और प्रभाव' का एक प्रदर्शन था.

पूरे कार्यक्रम ने पीएम मोदी की कूटनीति के "वसुधैव कुटुंबकम" (पूरी दुनिया एक परिवार है) पर ध्यान केंद्रित करने की पुष्टि की. उन्होंने बीएपीएस हिंदू मंदिर में एक पत्थर पर "वसुधैव कुटुंबकम" का संदेश अंकित करके इसे रेखांकित किया. वह एक परिवार के रूप में अरब जगत के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव का संदेश देने में सफल रहे. स्पष्ट संदेश यह था कि वह केवल शब्दों में विश्‍वास नहीं करते, बल्कि कार्य करने में विश्‍वास करते हैं. यह भी पढ़ें : कांग्रेस ‘सांप्रदायिक’ बयानबाजी के लिए भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी

निश्चित रूप से, पीएम मोदी की मंदिर कूटनीति ने भारत और यूएई के बीच संबंधों को मजबूत किया है, जिससे संबंध काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. लेकिन बड़ा संदेश पूरे मध्य पूर्व और खाड़ी के लिए भी था. इसका उद्देश्य क्षेत्र के अन्य इस्लामिक देशों तक पहुंच बढ़ाना था. तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के कारण संयुक्त अरब अमीरात का मध्य पूर्व में अच्छा दबदबा है. दोहा (कतर) में जासूसी के आरोप में पकड़े गए आठ भारतीय पूर्व नौसैनिकों की रिहाई भी इस तथ्य की पुष्टि थी कि पीएम मोदी की कूटनीति इस क्षेत्र में अत्यधिक प्रभावी और शक्तिशाली है.

अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर का उद्घाटन दोहा से नौसेना के दिग्गजों की रिहाई के तुरंत बाद हुआ. यूएई यात्रा के समापन के तुरंत बाद पीएम मोदी कतर के अमीर के प्रति व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त करने के लिए दोहा भी जाएंगे, जो दोहा के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधान मंत्री द्वारा एक और महत्वपूर्ण राजनयिक अभ्यास होगा.

इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पीएम मोदी की यूएई यात्रा से रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाईयां मिली हैं, जिसका खाड़ी के साथ दिल्ली के संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. आख़िर किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि एक इस्लामिक देश में इतना विशाल मंदिर बनेगा, लेकिन पीएम मोदी के कूटनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह संभव हो सका.

यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, जहां संयुक्त अरब अमीरात में मंदिर का अनावरण किया गया था, बल्कि यह विभिन्न परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में एक बड़ी भूमिका निभाने की पीएम मोदी की बड़ी राजनयिक योजनाओं को भी दर्शाता है. इसे अबू धाबी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनयिक संदेश के रूप में देखा गया, पीएम मोदी ने कहा कि यह यूएई की उनकी सातवीं यात्रा थी. 2015 में यूएई की उनकी यात्रा 34 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2024 08:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).