India Mobile Users: भारत में मोबाइल यूज करने वालों की संख्या बढ़कर 115.12 करोड़ हुई, मोदी सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी

बुधवार को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देश में मोबाइल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की कुल संख्या 31 अक्टूबर तक 115.12 करोड़ हो गई है. संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के 6,44,131 गांवों में से लगभग 6,23,622 गांवों में अब मोबाइल कवरेज है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली, 18 दिसंबर : बुधवार को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, देश में मोबाइल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की कुल संख्या 31 अक्टूबर तक 115.12 करोड़ हो गई है. संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि देश के 6,44,131 गांवों में से लगभग 6,23,622 गांवों में अब मोबाइल कवरेज है. सरकार और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) द्वारा चरणबद्ध तरीके से आबादी रहित गांवों में मोबाइल कवरेज प्रदान किया जाता है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, सरकार देश के ग्रामीण, दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना के जरिए दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) के तहत विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को लागू कर रही है. डिजिटल भारत निधि द्वारा फंडेड भारतनेट परियोजना (जिसे पहले राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के रूप में जाना जाता था) को देश में सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है. यह भी पढ़ें : Noida Shocker: टीचर्स के वॉशरूम में लगा था हिडन कैमरा, अचानक पड़ी शिक्षिका की नजर; शिकायत के बाद स्कूल का डायरेक्टर गिरफ्तार (Watch Video)

भारतनेट फेज-I और फेज-II के मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड, शेष लगभग 42,000 ग्राम पंचायतों में नेटवर्क के निर्माण, 10 वर्षों के लिए संचालन और रखरखाव और कुल 1,39,579 करोड़ रुपये की लागत से उपयोग के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को कैबिनेट द्वारा अप्रूव किया गया था. पिछले सप्ताह, सरकार ने बताया कि ग्रामीण भारत में मोबाइल नेटवर्क कवरेज लगभग 97 प्रतिशत तक पहुंच गया है और 6,14,564 गांव 4 जी मोबाइल कनेक्टिविटी से कवर्ड हैं.

राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. पेम्मासानी ने कहा कि जनजातीय मामलों के मंत्रालय के प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत 4,543 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बस्तियों की पहचान मोबाइल कनेक्टिविटी से वंचित के रूप में की गई और इनमें से 1,136 पीवीटीजी बस्तियों को मोबाइल कनेक्टिविटी से कवर किया गया है. इस बीच, देश के 783 जिलों में से 779 जिलों में 31 अक्टूबर तक 5जी सेवाएं उपलब्ध हैं. इसके अलावा, देश में 4.6 लाख से अधिक 5जी बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए गए हैं.

Share Now

संबंधित खबरें

महाराष्ट्र से सुप्रिया सुले, श्रीकांत शिंदे और प्रफुल्ल पटेल को बड़ी जिम्मेदारी, 60 देशों के दौरे पर जाने वाले सांसदों के पार्लियामेंट्री फ्रेंड्स ग्रुप में नाम शामिल

Ricky Syngkon Passes Away: PM नरेंद्र मोदी ने शिलांग के MP रिकी सिंगकोन के निधन पर शोक जताया, कहा ‘मेघालय के लोगों के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए उन्हें याद किया जाएगा’

‘Ghar Ghuskar Goli Maarunga’: राहुल गांधी और 25 सांसदों को 'घर में घुसकर गोली मारने' की धमकी, कोटा का आरोपी पुलिस हिरासत में; बीजेपी और करणी सेना ने झाड़ा पल्ला

8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट, मार्च में हो सकता है DA में 5 फीसदी इजाफे का ऐलान, जानें कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी

\