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भारत-चीन मिलकर करने जा रहे हैं ऐसा काम जिससे पाकिस्तान को हो सकती है तकलीफ

कुछ दिनों पहले इंडियन नेवी और कतर की शाही नेवी ने मिलकर दोहा के करीब ‘ज़ायर-अल-बह्र’ में संयुक्‍त अभ्‍यास किया था. इस अभ्यास में हिस्‍सा लेने के लिए भारतीय नौसेना की गाईडेड मिसाइल स्‍टेल्‍थ फ्रीगेट आईएनएस त्रिकंड और गश्‍ती हवाई जहाज पी8-I दोहा गए थे.

भारत-चीन मिलकर करने जा रहे हैं ऐसा काम जिससे पाकिस्तान को हो सकती है तकलीफ
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी (Photo Credits: IANS)

कोलकाता: मेघालय के उमरोई में आठवां भारत-चीन संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास “हाथों में हाथ-2019” सात दिसंबर से शुरू होगा. एक रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि दो सप्ताह तक चलने वाले इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित करना है. तिब्बत सैन्य कमान से 130 सैनिकों वाला एक चीनी दल और इतनी ही संख्या में भारतीय सैनिकों की एक टुकड़ी आतंकवाद विरोधी संयुक्त अभ्यास में शामिल होगी.

कंपनी स्तर के इन अभ्यास को संबंधित बटालियन मुख्यालय नियंत्रित करेगा. रक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण में दो सामरिक अभ्यास शामिल होंगे एक आतंकवाद रोधी अभ्यास और दूसरा मानवीय एवं आपदा राहत अभियान.

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बता दें कि कुछ दिनों पहले इंडियन नेवी और कतर की शाही नेवी ने मिलकर दोहा के करीब ‘ज़ायर-अल-बह्र’ में संयुक्‍त अभ्‍यास किया था. इस अभ्यास में हिस्‍सा लेने के लिए भारतीय नौसेना की गाईडेड मिसाइल स्‍टेल्‍थ फ्रीगेट आईएनएस त्रिकंड और गश्‍ती हवाई जहाज पी8-I दोहा गए थे.  इस दौरान तीन दिन बंदरगाह पर और दो दिन समुद्र में अभ्‍यास किया गया. समुद्र में किये गए अभ्‍यास में सतह पर की जाने वाली कार्रवाई, वायु सुरक्षा और समुद्री निगरानी, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई इत्‍यादि शामिल थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2019 08:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).