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Hapur Shocker: बिना बैरिकेडिंग वाले खोदे गए गड्ढे में गिरी बाइक, 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत; पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार पर FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पिलखुवा-फागोटा निर्माणाधीन सड़क पर बिना बैरिकेडिंग और बिना चेतावनी बोर्ड के छोड़े गए एक गहरे गड्ढे में मोटरसाइकिल गिरने से 42 वर्षीय विजय कुमार की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों के भारी विरोध को देखते हुए पुलिस ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों और निर्माण ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Hapur Shocker: बिना बैरिकेडिंग वाले खोदे गए गड्ढे में गिरी बाइक, 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत; पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार पर FIR दर्ज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

हापुड़, 2 जून: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ (Hapur) जिले में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) और सड़क निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. पिलखुवा-फागोटा निर्माणाधीन सड़क (Pilkhuwa–Fagota Road (Under Construction) पर रविवार रात एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति की सड़क के बीचों-बीच खोदे गए एक गहरे और बिना बैरिकेडिंग वाले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई. इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और परियोजना की देखरेख कर रहे ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है. यह भी पढ़ें: Gwalior Shocker: बेटे की 'छठी' के कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग के दौरान महिला की मौत, राज छिपाने के लिए परिजनों ने शव को डीप फ्रीजर में छुपाया

अंधेरे और लापरवाही के कारण हुआ हादसा; अस्पताल में तोड़ा दम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अचपाल गढ़ी गांव के निवासी विजय कुमार (42 वर्ष) के रूप में हुई है. विजय रविवार रात काम के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे. जब वे सिद्धिविनायक अस्पताल के पास पहुंचे, तो वहां सड़क पर पुलिया निर्माण (Culvert Construction) के लिए दिन में ही खोदा गया एक गहरा गड्ढा मौजूद था. रात के अंधेरे और खराब विजिबिलिटी (दृश्यता) के कारण विजय कुमार समय रहते उस खुदाई स्थल को नहीं देख पाए और उनकी मोटरसाइकिल सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरी.

गड्ढे से चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय निवासियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल विजय को पहले नजदीकी सिद्धिविनायक अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रामा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. हालांकि, डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया. विजय कुमार अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं.

परिजनों और ग्रामीणों का विरोध; सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप

इस घटना के बाद सोमवार को पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम न होने को लेकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों का आरोप था कि ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने एक गहरा गड्ढा खोद तो दिया, लेकिन उसके चारों ओर न तो कोई सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए, न ही कोई रिफ्लेक्टिव मार्कर्स (चमकने वाले संकेत), चेतावनी बोर्ड या लाइट की व्यवस्था की.

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस जानलेवा लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए और मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए.

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या का मामला

जनता के आक्रोश और परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या, जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती) के तहत संबंधित पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है.

सर्कल ऑफिसर (CO) अनीता चौहान ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, "निर्माण स्थल पर जवाबदेही तय करने और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जांच के दौरान जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उसी के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी." पुलिस इस बात की गहराई से समीक्षा कर रही है कि क्या कार्य के दौरान अनिवार्य सुरक्षा सावधानियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया था.

दिल्ली के जनकपुरी हादसे की ताजा हुईं यादें

हापुड़ की इस दुखद घटना ने कुछ समय पहले दिल्ली के जनकपुरी इलाके में हुए एक इसी तरह के बड़े हादसे की यादें ताजा कर दी हैं. दिल्ली के उस मामले में, 25 वर्षीय बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी की दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक गहरे और असुरक्षित गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी. उस समय भी परिजनों ने बैरिकेडिंग और लाइटिंग की कमी के आरोप लगाए थे. रात के समय चालू रहने वाले निर्माण कार्यों में सुरक्षा की यह लगातार अनदेखी वर्तमान में चिंता का एक बड़ा विषय बनी हुई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2026 02:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).