India AI Investment: भारत को वैश्विक AI हब बनाने के लिए 200 अरब डॉलर के निवेश का रोडमैप, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया बड़े सुधारों का ऐलान

केंद्र सरकार ने भारत को दुनिया का प्रमुख AI हब बनाने के लिए अगले दो वर्षों में 200 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे के निवेश को आकर्षित करने की योजना बनाई है. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट में टैक्स छूट और स्टार्टअप्स के लिए नई नीतियों की घोषणा की.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Photo Credits: X/@AshwiniVaishnaw)

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) (AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ी रणनीतिक पहल शुरू की है. नई दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय 'AI इम्पैक्ट समिट 2026' (AI Impact Summit 2026) के दौरान केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (IT Minister Ashwini Vaishnaw) ने घोषणा की कि भारत अगले दो वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 200 अरब डॉलर (लगभग 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक) का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. इस समिट में OpenAI, Google और Anthropic जैसी दिग्गज वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. यह भी पढ़ें: 'भारत केवल तकनीक का उपभोग न करे, बल्कि उसका निर्माण करे', PM मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए साझा किया AI विजन

इंफ्रास्ट्रक्चर और डीप-टेक पर मुख्य फोकस

सरकार का उद्देश्य भारत को केवल AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि कंप्यूटिंग और एप्लिकेशन्स का वैश्विक केंद्र बनाना है. 200 अरब डॉलर के इस निवेश का बड़ा हिस्सा डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर चिप्स और सहायक प्रणालियों के निर्माण में लगाया जाएगा.

स्टार्टअप्स और नीतिगत समर्थन में बड़े बदलाव

विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने नीतिगत स्तर पर कई महत्वपूर्ण रियायतें दी हैं. आईटी मंत्री ने बताया कि निर्यात-उन्मुख क्लाउड सेवाओं के लिए दीर्घकालिक टैक्स राहत दी जाएगी. इसके अलावा:

कंप्यूट क्षमता (Compute Capacity) का विस्तार

अश्विनी वैष्णव ने 'इंडिया-AI मिशन' के तहत साझा कंप्यूटिंग क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में मौजूदा 38,000 GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) में 20,000 नई इकाइयां जोड़ी जाएंगी. मिशन के दूसरे चरण में अनुसंधान, विकास और AI टूल्स तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह तकनीक केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित न रहे.

चुनौतियां और भविष्य की राह

भारी निवेश और विस्तार के बीच डेटा सेंटरों के लिए ऊर्जा और पानी की बढ़ती मांग एक बड़ी चुनौती है. मंत्री ने इन जोखिमों को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि भारत की स्थापित ऊर्जा क्षमता का आधा से अधिक हिस्सा अब स्वच्छ स्रोतों (Clean Energy) से आता है. ऐसे में भारत का ऊर्जा मिश्रण AI क्षेत्र की जरूरतों को स्थायी रूप से पूरा करने में सक्षम होगा.

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