हैदराबाद में एक प्राइवेट स्कूल की 29 वर्षीय साइंस टीचर ने आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार, शुक्रवार, 19 सितंबर को महिला ने अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी. जांच में सामने आया कि वह पिछले छह महीनों से दो पुरुष सहकर्मियों की लगातार छेड़छाड़ और उत्पीड़न का शिकार हो रही थी. इस घटना ने शिक्षा जगत और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया. पीड़िता के पति, जो उस समय असम में बिजनेस ट्रिप पर थे, उन्हें इस घटना की सूचना पुलिस से मिली. उन्होंने शनिवार, 20 सितंबर को अदिबाटला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.
पति ने बताया कि उनकी शादी को आठ साल हो चुके थे और वे असम से हैदराबाद शिफ्ट हुए थे. शिकायत में कहा गया कि दो सहकर्मी टीचर लगातार उनकी पत्नी को परेशान कर रहे थे.
छह महीने से जारी था उत्पीड़न
पति के अनुसार, उन्होंने पहले भी फोन पर दोनों आरोपियों को डांटा था, लेकिन उनकी हरकतें बंद नहीं हुईं. जब वह 15 सितंबर को असम गए, तो परेशानियां और बढ़ गईं. आखिरकार, मानसिक दबाव न सह पाने के कारण महिला ने यह कठोर कदम उठा लिया.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने (सुसाइड एबेटमेंट) का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है. फिलहाल मामले की गहन जांच चल रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पीड़िता ने किसी को अपनी परेशानियों के बारे में बताया था या किसी तरह के सबूत छोड़े थे.
यह घटना कार्यस्थलों पर होने वाले यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की गंभीरता को सामने लाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते आवाज उठाना और कानूनी मदद लेना जरूरी है. स्कूल प्रबंधन और सहकर्मियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बना रहे.
आत्महत्या रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर: टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय) से मदद के लिए 14416 या 1800 891 4416 पर कॉल करें. निम्हांस (NIMHANS) +91 80 26995000, 5100, 5200, 5300 या 5400. पीक माइंड (080-456 87786), वंद्रेवाल फाउंडेशन (9999 666 555), अर्पिता सुसाइड प्रिवेंशन हेल्पलाइन (080-23655557), आईकॉल (022-25521111 और 9152987821) और कूज मेंटल हेल्थ फाउंडेशन (0832-2252525) से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है.
महिला और बाल हेल्पलाइन नंबर: चाइल्डलाइन इंडिया (1098), मिसिंग चाइल्ड एंड वीमेन (1094), महिला हेल्पलाइन (181), राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन (112), हिंसा के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन (7827170170), और पुलिस महिला व वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन (1091/1291).













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