हैदराबाद, 9 जून: तेलंगाना (Telangana) के सिकंदराबाद (Secunderabad) इलाके में महज ₹110 और एक मोबाइल फोन (Mobile Phone) के लिए एक बेकसूर प्रवासी मजदूर की बेरहमी से हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. सिकंदराबाद पुलिस ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के आरोप में दो डिलीवरी बॉयज (Delivery Boys) (एक खाद्य और एक किराना डिलीवरी एक्जीक्यूटिव) को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लूटपाट का विरोध करने पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रहने वाले मजदूर के सिर पर भारी पत्थरों से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया था. इस मामूली रकम और वस्तु के लिए की गई जघन्य हत्या ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता को पूरी तरह स्तब्ध कर दिया है. यह भी पढ़ें: Delhi: दिल्ली में चरित्र शंका पर पति ने की 18 वर्षीय पत्नी की गला दबाकर हत्या, आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बाथरूम में लटकाया
खून से लथपथ मिला था शव; पत्थरों से कुचला गया था सिर
वारदात की शुरुआत 3 जून की सुबह हुई, जब सिकंदराबाद में रेलवे ब्रिज और तुकारामगेट के बीच बाईपास रोड के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव खून से लथपथ पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो मृतक के सिर पर गहरे और गंभीर चोट के निशान पाए गए. घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर पुलिस ने वहां से दो खून से सने भारी पत्थर बरामद किए, जिनका उपयोग हमले में किया गया था. इसके अलावा शव के पास से एक शराब की बोतल और एक बेल्ट बैग भी मिला था.
शुरुआती चरण में पुलिस के लिए मृतक की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया था, क्योंकि उसके पास से ऐसा कोई विधिक दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं मिला जिससे उसका नाम-पता मालूम हो सके. तत्काल कोई सुराग न मिलने पर, जांच अधिकारियों ने मृतक की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और क्षेत्रीय मीडिया नेटवर्कों पर प्रसारित कीं. तीन दिनों के सघन प्रचार के बाद, मध्य प्रदेश में रहने वाले परिवार के सदस्यों ने इंटरनेट पर तस्वीरों को पहचान लिया और पुष्टि की कि मृतक जय प्रकाश देशमुख (38 वर्ष) है, जो सिकंदराबाद जाने के बाद से लापता था.
मोंडा मार्केट के पास लिफ्ट देने के बहाने किया था अगवा
जय प्रकाश देशमुख मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का रहने वाला एक गरीब प्रवासी मजदूर था, जो काम की तलाश में हैदराबाद आया था और विभिन्न निर्माण स्थलों (Construction Sites) पर रहकर गुजारा करता था. वह 2 जून को मियापुर में रहने वाले अपने सगे भाई से मिलने सिकंदराबाद आया था, लेकिन अगली ही सुबह उसका शव बरामद हुआ.
युवक की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर और अंतिम लोकेशन को ट्रैक करते हुए घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया. जांच में सामने आया कि जब जय प्रकाश मोंडा मार्केट (Monda Market) के पास खड़ा था, तभी दो डिलीवरी बॉयज ने उसे निशाना बनाया. आरोपियों की पहचान ढाबी विनोद (किराना डिलीवरी बॉय) और मक्काला मोहन (फूड डिलीवरी बॉय) के रूप में हुई है. दोनों ने जय प्रकाश को झांसा दिया कि वे उसे सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पास छोड़ देंगे और अपनी इलेक्ट्रिक बाइक पर बैठा लिया.
विरोध करने पर उतारा मौत के घाट; आरोपी विनोद का है आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जय प्रकाश को स्टेशन ले जाने के बजाय एक सुनसान और अंधेरे इलाके में ले गए, जहाँ उनका इरादा उससे लूटपाट करने का था. जब जय प्रकाश ने अपनी मेहनत की कमाई और मोबाइल छीने जाने का डटकर विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने गुस्से में आकर पास पड़े भारी पत्थरों से उसके सिर पर लगातार कई वार कर दिए और उसे मरणासन्न स्थिति में सड़क किनारे छोड़कर भाग खड़े हुए.
हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों के हाथ केवल ₹110 की नकदी और एक पुराना मोबाइल फोन ही लगा. पुलिस ने क्षेत्र के व्यापक सीसीटीवी फुटेज खंगालने, तकनीकी साक्ष्यों (Call Details) और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों को 8 जून को धर दबोचा. पुलिस ने उनके पास से मृतक का चोरी का मोबाइल और अपराध में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रिक बाइक बरामद कर ली है. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी विनोद का पहले से ही एक पुराना आपराधिक रिकॉर्ड (Criminal Record) रहा है. पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही और चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है.













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