Hyderabad Dog Attack: खैरताबाद में 5 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों का हमला; गंभीर रूप से घायल, सीसीटीवी वीडियो आया सामने
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Photo/ANI)

हैदराबाद: तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार, 27 जनवरी को खैरताबाद (Khairatabad) इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पांच साल की एक मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के झुंड ने घेरकर हमला कर दिया. इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है. पूरी घटना पास के एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें कुत्तों को बच्ची पर झपटते हुए देखा जा सकता है.

जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी, तभी अचानक कुत्तों के झुंड ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. बच्ची की चीखें सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और कुत्तों को वहां से भगाया. हालांकि, तब तक कुत्तों ने बच्ची के शरीर और पैरों पर गहरे घाव कर दिए थे। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके घावों पर टांके लगाए हैं और एंटी-रेबीज इंजेक्शन का कोर्स शुरू किया है. फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है. यह भी पढ़ें: Telangana Dog Attack Video: तेलंगाना में दिल दहला देने वाली घटना, घर के बाहर खेल रहे 3 साल के बच्चे पर आवारा 12 कुत्तों ने किया हमला, मासूम की हालत गंभीर

प्रशासनिक विफलता और 'किलिंग' पर विवाद

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तेलंगाना में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और उनके हमलों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों में हुई इसी तरह की घटनाओं के बाद, राज्य के विभिन्न हिस्सों से कुत्तों को "सामूहिक रूप से मारने" (Mass Culling) की खबरें भी सामने आई हैं.

  • पशु अधिकार कार्यकर्ता: इन हत्याओं की निंदा कर रहे हैं और इसे अवैध बता रहे हैं.
  • स्थानीय निवासी: उनका आरोप है कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रमों के जरिए कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रहा है.

GHMC की कार्रवाई और स्थानीय लोगों का डर

खैरताबाद की इस ताजा घटना के बाद, नगर निगम ने क्षेत्र में आक्रामक कुत्तों को पकड़ने के लिए एक विशेष इकाई तैनात की है। अधिकारियों का दावा है कि वे 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' (ABC) कार्यक्रमों में तेजी ला रहे हैं।

दूसरी ओर, निवासियों का कहना है कि यह कदम बहुत देरी से उठाए गए हैं। एक स्थानीय नागरिक ने अपना डर व्यक्त करते हुए कहा, 'हम अपने बच्चों को बाहर भेजने से डरते हैं। यह पहली बार नहीं है जब हमारे इलाके में ऐसी घटना हुई है. हर बार प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन धरातल पर कुत्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही है.' यह भी पढ़ें: Dog Attack: आवारा कुत्तों के झुंड ने किया 10 साल की बच्ची पर हमला, पैर पर काटा, मध्य प्रदेश के खरगोन का वीडियो आया सामने; VIDEO

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक तौर पर कुत्तों को मारने का कोई आदेश नहीं दिया गया है, और संदिग्ध हत्याओं के पीछे 'सतर्कता समूहों' (Vigilante Groups) का हाथ हो सकता है जो डर के कारण कानून हाथ में ले रहे हैं.