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Gujarat Lion Attack: गुजरात के अमरेली में दिलदहला देने वाली घटना; काम से घर लौट रहे 25 वर्षीय युवक को शेर ने उतारा मौत के घाट

गुजरात के अमरेली जिले के कोवाया गांव के पास एक कथित शेर के हमले में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई. मृतक उत्तराखंड का रहने वाला था और एक स्थानीय रेस्तरां में काम करता था. घटना के बाद वन विभाग ने इलाके में मौजूद चार शेरों के झुंड को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

Gujarat Lion Attack: गुजरात के अमरेली में दिलदहला देने वाली घटना; काम से घर लौट रहे 25 वर्षीय युवक को शेर ने उतारा मौत के घाट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

अमरेली/अहमदाबाद, 16 जून: गुजरात (Gujarat) के अमरेली जिले (Amreli) से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है. यहां के राजूआ वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोवाया गांव के पास एक शेर (Lion) ने 25 वर्षीय युवक पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मृतक मूल रूप से उत्तराखंड (Uttarakhand) का रहने वाला था और स्थानीय स्तर पर एक होटल/रेस्तरां में काम करता था. मंगलवार सुबह उसका शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और मामले की जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Lion Stares Down Man in Open Jeep: खुली जीप में बैठे आदमी को घूरता रहा शेर, शॉकिंग वीडियो वायरल

देर रात काम से लौटते समय हुआ हमला

स्थानीय निवासियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को हुई. युवक एक नजदीकी होटल में अपनी शिफ्ट खत्म करने के बाद देर रात पैदल ही घर लौट रहा था. कोवाया गांव को जोड़ने वाली सड़क के पास झाड़ियों वाले इलाके में अचानक एक शेर ने उस पर हमला कर दिया.

मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों को सड़क किनारे क्षत-विक्षत इंसानी अवशेष दिखे, तो उन्होंने तुरंत स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को सूचित किया. शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालातों को देखकर साफ है कि युवक की जान शेर के हमले में ही गई है.

चार शेरों के झुंड को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (ACF) विरलसिंह चावडा ने बताया कि घटना के समय और उसके आसपास के इलाके में चार शेरों का एक झुंड (Pride of Lions) देखा गया था. उन्होंने कहा, "आज सुबह करीब 6 बजे सूचना मिलते ही स्थानीय बीट गार्ड और वन अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे. प्रथम दृष्टया यह शेर के हमले का मामला है. ऐहतियात के तौर पर हमने इलाके में पिंजरे लगा दिए हैं और उस पूरे झुंड को रेस्क्यू (पकड़ने) करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस जानवर ने हमला किया था."

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता, विधायक ने की स्टाफ बढ़ाने की मांग

कोवाया गांव के सरपंच जीना लाखनोत्रा ने बताया कि इससे पहले पास के भकोदर गांव में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी. इस ताजा हमले के बाद से शेर के प्राकृतिक आवास के करीब रहने वाले ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर भारी चिंता और डर का माहौल है.

इस घटना पर दुख जताते हुए राजूआ के विधायक हीरा सोलंकी ने राज्य सरकार से वन विभाग के संसाधनों को मजबूत करने की अपील की है. उन्होंने कहा, "जिस तरह लोग शेरों का शिकार बन रहे हैं, वह बेहद दुखद है. चूंकि शेरों की आबादी बढ़ी है, इसलिए मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वन कर्मियों (Forest Staff) की संख्या भी बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके."

इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ता संघर्ष

गुजरात का अमरेली जिला एशियाई शेरों (Asiatic Lions) के मुख्य निवास स्थान के अंतर्गत आता है. पिछले कुछ वर्षों में शेरों के संरक्षण के सफल प्रयासों के चलते उनकी आबादी में भारी वृद्धि हुई है, जिसके कारण ये वन्यजीव अब पारंपरिक संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas) से बाहर निकलकर इंसानी बस्तियों के आसपास के राजस्व क्षेत्रों में भी मूवमेंट करने लगे हैं. शेरों की संख्या बढ़ने के साथ ही इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव (Human-Wildlife Conflict) की घटनाएं अधिक बार होने लगी हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन के लिए पर्यावरण संरक्षण और जन सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती बन गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2026 08:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).