Jammu Encroachment News: जम्मू में गुरुवार को हुई एंटी-एन्क्रोचमेंट कार्रवाई के बाद माहौल गर्म है, लेकिन इसी बीच इंसानियत की एक अनोखी मिसाल सामने आई है. पड़ोस में रहने वाले कुलदीप कुमार और उनकी बेटी तान्या ने पत्रकार परिवार की मदद के लिए पांच मरला जमीन देने का फैसला किया है. कुलदीप का कहना है कि वे इस परिवार को सिर्फ जमीन ही नहीं देंगे, बल्कि नया घर खड़ा करने में भी पूरा साथ देंगे.
बिना नोटिस हुई कार्रवाई पर उठे सवाल
ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में हुई इस कार्रवाई को लेकर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं. स्थानीय निवासियों का दावा है कि वे पिछले 40 साल से यहां रह रहे थे और उन्हें कभी कोई नोटिस नहीं मिला. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहाए गए इन घरों को लेकर अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं.
राजनीतिक नेताओं ने बताया ‘चुनिंदा कार्रवाई’
पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर इस कार्रवाई को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीबों को मकान देने की बात करते हैं, गिराने की नहीं. रैना ने कुलदीप कुमार के कदम को जम्मू-कश्मीर की भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल बताया. उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई से लेफ्टिनेंट गवर्नर का कोई लेना-देना नहीं है और वे खुद इसकी जांच करवाएंगे.
पत्रकार परिवार बोला– 40 साल का घर था, किसी ने नहीं सुना
जिस परिवार का घर तोड़ा गया, उनका कहना है कि यह मकान उनके पिता का था और वे दशकों से वहीं रह रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह चुनिंदा कार्रवाई है. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला और PDP नेता वरिंदर सिंह सोनू ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. सोनू ने पूछा कि अगर अवैध कब्जे हटाने हैं, तो बड़े-बड़े कब्जाधारकों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती.
JDA बोला– पूरे शहर में चल रहा है अभियान
जम्मू विकास प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई उनके बड़े सफाई अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे शहर में अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं. हाल ही में विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, JDA की 16,000 से ज्यादा कनाल जमीन पर कब्जा है.
सोशल मीडिया पर कुलदीप कुमार द्वारा जमीन देने वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है और लोग उनकी दरियादिली की सराहना कर रहे हैं.













QuickLY