Bihar: हिजाब पहनकर बैंक पहुंची लड़की, कर्मचारियों ने पैसे निकालने से रोका, Viral Video पर तेजस्वी ने सरकार को घेरा
वीडियो के अनुसार, तीन से चार बैंक कर्मचारियों ने उसे हिजाब (Hijab) हटाने के लिए कहा और उसके बाद ही पैसे निकालने के लिए आवेदन किया. लड़की ने इसका कड़ा विरोध किया और अपने माता-पिता को फोन किया.
Hijab Controversy in Bihar, पटना, 21 फरवरी: बिहार के बेगूसराय जिले में बुर्का (Burqa) पहने एक लड़की को सरकारी बैंक (Bank) में लेन-देन करने से रोक दिया गया. लड़की ने इस घटना को रिकॉर्ड कर रविवार को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. घटना शनिवार की है जब युवती बेगूसराय के मंसूर चौक शाखा के यूको बैंक (UCO Bank) में पैसे निकालने गई थी. Hijab Row: कर्नाटक में हिजाब पहनकर कॉलेज पहुंचने पर 58 छात्राएं निलंबित, 15 के खिलाफ मामला दर्ज
वीडियो के अनुसार, तीन से चार बैंक कर्मचारियों ने उसे हिजाब (Hijab) हटाने के लिए कहा और उसके बाद ही पैसे निकालने के लिए आवेदन किया. लड़की ने इसका कड़ा विरोध किया और अपने माता-पिता को फोन किया. उन्होंने कर्मचारियों को लिखित सूचना दिखाने के लिए कहा कि बैंक के अंदर हिजाब की अनुमति नहीं है.
Meanwhile a girl in UCO Bank, Bihar told to take off her Hijab to withdraw cash. This video is from Begusarai Mansoor chowk.#HijabRow #Bihar #Islamophobia_In_India pic.twitter.com/Z5eCpXNpzx
— Meer Faisal (@meerfaisal01) February 20, 2022
उसके पिता वीडियो में पूछते हैं, "मैं और मेरी बेटी हर महीने बैंक आते थे लेकिन पहले कभी किसी ने आपत्ति नहीं की थी. वे अब ऐसा क्यों कर रहे हैं? अगर कर्नाटक में ऐसी कोई चीज लागू की गई है, तो वे इसे बिहार में क्यों लागू कर रहे हैं? क्या उनके पास बैंकिंग परिचालन में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के बारे में कोई लिखित सूचना है?" कर्मचारियों ने उन्हें घटना की रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए भी कहा, जिसे महिला और उसके परिवार ने मना कर दिया.
वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया और राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने इसे री-ट्वीट किया. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को टैग करते हुए पूछा, "आप अपने पद को सुरक्षित करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं? मैं समझता हूं कि आपने अपनी विचारधारा, नीतियों, नैतिक जिम्मेदारी और विवेक को भाजपा के सामने गिरवी रख दिया है लेकिन आपने देश के संविधान की शपथ ली है. कम से कम संविधान का सम्मान करें और कथित कर्मचारियों को गिरफ्तार करें."
इस बीच, यूको बैंक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस घटना पर एक बयान दिया है, "बैंक नागरिकों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है और जाति या धर्म के आधार पर अपने सम्मानित ग्राहकों के साथ भेदभाव नहीं करता है. बैंक इस मुद्दे पर तथ्यों की जांच कर रहा है."
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2022 02:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

