देश

स्वास्थ्य मंत्रालय 17 सितंबर से स्वैच्छिक रक्तदान अभियान शुरू करेगा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 17 सितंबर से 1 अक्टूबर तक 'रक्तदान अमृत महोत्सव' के लिए एक मेगा अभियान शुरू करेगा. आधिकारिक स्रोत के अनुसार, मेगा ड्राइव का लक्ष्य 17 सितंबर को ड्राइव के पहले दिन 1.5 लाख यूनिट रक्त एकत्र करना है, जो एक ही दिन में उच्चतम रक्तदान के पिछले विश्व रिकॉर्ड को तोड़ेगा.

स्वास्थ्य मंत्रालय 17 सितंबर से स्वैच्छिक रक्तदान अभियान शुरू करेगा
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits Pixabay)

नई दिल्ली, 13 सितम्बर : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 17 सितंबर से 1 अक्टूबर तक 'रक्तदान अमृत महोत्सव' के लिए एक मेगा अभियान शुरू करेगा. आधिकारिक स्रोत के अनुसार, मेगा ड्राइव का लक्ष्य 17 सितंबर को ड्राइव के पहले दिन 1.5 लाख यूनिट रक्त एकत्र करना है, जो एक ही दिन में उच्चतम रक्तदान के पिछले विश्व रिकॉर्ड को तोड़ेगा. 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है.

वर्तमान में, भारत में लगभग 1.5 लाख यूनिट रक्त संग्रहीत करने की क्षमता है. हालांकि, यदि लोगों की संख्या अधिक हो जाती है, तो रक्त नहीं लिया जाएगा, लेकिन उसे भाग लेने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा. रक्तदान अमृत महोत्सव के तहत आरोग्य सेतु पोर्टल पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए पंजीकरण भी शुरू हो गए हैं, जो लोगों को रक्तदान करने और मानवता के लिए प्रधान मंत्री के मिशन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करेगा. यह भी पढ़ें : वर्दी में नाचते और गाते हुए वीडियो अपलोड करने वाले पुलिसकर्मियों पर सोशल मीडिया के नियम तय

एक अधिकारी ने कहा कि नियमित रूप से गैर-पारिश्रमिक रक्तदान की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सभी के लिए रक्त और इसके घटकों की उपलब्धता, सामथ्र्य और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है. वर्तमान में रक्त की मांग और आपूर्ति के बीच बहुत बड़ा अंतर है. 2021 के आंकड़ों के अनुसार, मांग और आपूर्ति अनुपात 1.46 बनाम 1.25 करोड़ यूनिट था. सूत्र ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप पर रक्तदान करने के लिए पंजीकृत लोगों का डेटा ई-रक्तकोश वेब पोर्टल के माध्यम से अभियान चलाने वाले ब्लड बैंकों या संगठनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.

सूत्र ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा 9 सितंबर को शुरू की गई निक्षय मित्र पहल में अब तक कुल 1,78,443 टीबी रोगियों और 1667 निक्षय मित्रों (दाता) का नामांकन हुआ है. उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन में समुदाय की प्रभावी भागीदारी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय टीबी रोगियों के लिए सामुदायिक समर्थन - प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को लागू कर रहा है.

इस कार्यक्रम के लिए निक्षय मित्र (दाता) में सहकारी समितियां, कॉपर्ोेट, निर्वाचित प्रतिनिधि, व्यक्ति, संस्थान, गैर-सरकारी संगठन, राजनीतिक दल और भागीदार शामिल हैं, जो राज्य, जिला, ब्लॉक और परिधीय स्वास्थ्य देखभाल में स्वास्थ्य सुविधाओं को अपनाकर समर्थन कर सकते हैं. समर्थन के लिए न्यूनतम अवधि एक वर्ष और अधिकतम तीन वर्ष होगी. निक्षय मित्र कार्यक्रम के तहत रोगियों को पोषण संबंधी सहायता, निदान और व्यावसायिक सहायता प्रदान करेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2022 11:03 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).