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गुजरात हाई कोर्ट ने बच्ची के माता-पिता की 'स्पष्ट सहमति' के बाद नाबालिग रेप पीड़िता के 33-सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने का दिया निर्देश

सोमवार, 12 मई को गुजरात उच्च न्यायालय ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के 33 सप्ताह के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने का निर्देश दिया. गुजरात हाई कोर्ट ने अधिकारियों को माता-पिता की "स्पष्ट सहमति" प्राप्त करने और उन्हें उनकी समझ में आने वाली भाषा में जोखिम समझाने के बाद जल्द से जल्द प्रक्रिया को अंजाम देने का आदेश दिया...

गुजरात हाई कोर्ट ने बच्ची के माता-पिता की 'स्पष्ट सहमति' के बाद नाबालिग रेप पीड़िता के 33-सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने का दिया निर्देश
Representational Image | Pixabay

सोमवार, 12 मई को गुजरात उच्च न्यायालय ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के 33 सप्ताह के गर्भ को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने का निर्देश दिया. गुजरात हाई कोर्ट ने अधिकारियों को माता-पिता की "स्पष्ट सहमति" प्राप्त करने और उन्हें उनकी समझ में आने वाली भाषा में जोखिम समझाने के बाद जल्द से जल्द प्रक्रिया को अंजाम देने का आदेश दिया. गुजरात हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति निरजर एस देसाई की पीठ ने राजकोट के पीडीयू जनरल अस्पताल के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट की जांच करने के बाद यह आदेश पारित किया, जिन्हें एक समन्वय पीठ द्वारा 13 वर्षीय पीड़िता की गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए जांच करने का निर्देश दिया गया था.

हाई कोर्ट ने गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की मांग करने वाली नाबालिग लड़की की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. सोमवार को, उच्च न्यायालय ने डॉक्टरों की एक टीम स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिकित्सक, मनोचिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट - द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का अवलोकन किया, जिन्होंने नाबालिग लड़की की जांच की थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि "कानूनी अभिभावक की सहमति के बाद, नाबालिग लड़की की जटिलता के उच्च जोखिम के साथ, एनीमिया के मूल्यांकन और सुधार के बाद गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त किया जा सकता है".

गुजरात हाई कोर्ट ने बच्ची के माता-पिता की 'स्पष्ट सहमति' के बाद नाबालिग रेप पीड़िता के 33-सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने का दिया निर्देश

न्यायमूर्ति देसाई ने कहा, "मैंने इस तथ्य पर विचार किया है कि वर्तमान आवेदक केवल 13 वर्ष की है और उसके सामने लंबा जीवन है तथा जैसा कि उपरोक्त रिपोर्ट के अनुसार एमटीपी संभव है, पीड़ित लड़की के माता-पिता/संरक्षकों को एमटीपी के जोखिम के बारे में समझाकर तथा उनकी भाषा में उनकी सहमति प्राप्त करके न्याय का उद्देश्य पूरा किया जाएगा."

(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2025 01:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).