GST Reform Car And Bike Price: जीएसटी काउंसिल ने हाल ही में गाड़ियों पर लगने वाले टैक्स में कुछ बड़े बदलाव किए हैं, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलने वाली है. खासकर जो लोग छोटी कार या बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है. चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह नया बदलाव क्या है और इससे आपको कितना फायदा होगा.
छोटी कारें अब आपकी जेब पर नहीं पड़ेंगी भारी
सरकार ने फैसला किया है कि अब छोटी गाड़ियों पर टैक्स कम लगेगा. अगर आप कोई ऐसी पेट्रोल कार खरीदते हैं जिसका इंजन 1200cc से कम है, या कोई ऐसी डीजल कार जिसका इंजन 1500cc से कम है, और गाड़ी की लंबाई 4 मीटर से कम है, तो आपको अब सिर्फ 18% जीएसटी देना होगा. पहले इन्हीं कारों पर 29% से 31% तक टैक्स लगता था.
इस बदलाव का मतलब है कि कारों की कीमतों में करीब 12% तक की कमी आ सकती है. उदाहरण के लिए, अगर किसी कार की एक्स-शोरूम कीमत 5 लाख रुपये है, तो वह अब आपको लगभग 62,500 रुपये सस्ती मिल सकती है.
बाइक चलाने वालों के लिए भी खुशखबरी
मोटरसाइकिल खरीदने वालों को भी सरकार ने राहत दी है. 350cc से कम इंजन वाली बाइक्स पर अब 28% की जगह सिर्फ 18% जीएसटी लगेगा. इसका सीधा फायदा हीरो स्प्लेंडर, होंडा शाइन और बजाज पल्सर जैसी बहुत ज्यादा बिकने वाली बाइक्स पर देखने को मिलेगा.
बड़ी गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स का क्या होगा?
ऐसा नहीं है कि फायदा सिर्फ छोटी गाड़ियों पर मिल रहा है. बड़ी कारों, एसयूवी और लग्जरी गाड़ियों पर भी टैक्स थोड़ा कम हुआ है. पहले इन पर सेस मिलाकर 43% से 50% तक टैक्स लगता था, जो अब घटकर 40% हो गया है. इसके अलावा, गाड़ियों के पार्ट्स पर भी टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है, जिससे गाड़ियों की ओवरऑल मेंटेनेंस और रिपेयरिंग भी सस्ती हो सकती है.
ऑटो इंडस्ट्री को मिलेगी नई रफ्तार
जानकारों का मानना है कि सरकार का यह कदम ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक "गेम-चेंजर" साबित हो सकता है. पिछले कुछ समय से छोटी और कॉम्पैक्ट कारों की बिक्री लगातार घट रही थी, जबकि एसयूवी की मांग बढ़ रही थी. वित्त वर्ष 2025 में छोटी कारों की बिक्री 13% तक गिर गई थी.
अब टैक्स कम होने से उम्मीद है कि लोग फिर से छोटी कारों में दिलचस्पी दिखाएंगे. खासकर त्योहारों के सीजन में मारुति, टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियों की एंट्री-लेवल कारों की बिक्री बढ़ने की पूरी संभावना है. इससे बाजार में एक संतुलन बनेगा और पूरी ऑटो इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा.













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