FSSAI Denies Permitting ORSL Stock Sale: सोशल मीडिया पर इस वक्त FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और ORSL नाम के ड्रिंक को लेकर एक बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है. एक तरफ, हैदराबाद की एक जानी-मानी बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) डॉक्टर शिवरंजनी संतोष ने FSSAI पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं दूसरी तरफ, FSSAI ने खुद एक नोटिस जारी कर इन दावों को "तथ्यों को गलत तरीके से पेश करना" (MISREPRESENTATION OF FACTS) बताया है.
आइए समझते हैं कि ये पूरा मामला आखिर है क्या.
डॉक्टर का FSSAI पर आरोप क्या है?
डॉक्टर शिवरंजनी संतोष ने सोशल मीडिया पर FSSAI की कड़ी आलोचना की है. उनका आरोप है कि FSSAI ने ORSL बनाने वाली कंपनी (JNTL) को अपना पुराना, हाई-शुगर (ज्यादा चीनी) वाला स्टॉक बेचने या निपटाने के लिए 'सहमति' दे दी है.
डॉक्टर ने इसे 'राष्ट्रीय शर्म' कहा. उनका कहना है कि जब यह ड्रिंक बच्चों के लिए सही नहीं है, तो FSSAI उसे बाजार से हटाने के बजाय बिकने की इजाजत कैसे दे सकता है.
FSSAI ने अपनी सफाई में क्या कहा?
FSSAI ने आरोपों का खंडन करते हुए एक आधिकारिक पोस्ट (जैसा कि आपने तस्वीर में भेजा है) जारी किया है.
FSSAI ने साफ-साफ कहा है:
- यह "गलत दावा" (WRONGLY claimed) किया जा रहा है कि FSSAI ने ORSL को बेचने या निपटाने की इजाजत दी है.
- FSSAI ने ऐसी कोई "सहमति" (consent) नहीं दी है.
- FSSAI ने कहा है कि इस मामले में माननीय कोर्ट का आदेश (केस नंबर W.P.(C) 16217/2025) वेबसाइट पर देखा जा सकता है.
MISREPRESENTATION OF FACTS: FSSAI has NOT permitted or consented to the sale/disposal of ORSL. pic.twitter.com/lindplhJ23
— FSSAI (@fssaiindia) October 23, 2025
यह पूरा झगड़ा किस बात पर है?
यह पूरा झगड़ा 'ORS' नाम को लेकर है.
- असली ORS क्या है? असली ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) एक मेडिकल फॉर्मूला है, जिसे WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने दस्त (diarrhea) के गंभीर मामलों के इलाज के लिए बनाया है. इसमें नमक, पोटेशियम, सोडियम और बहुत सीमित मात्रा में चीनी (dextrose) का एक सटीक मिश्रण होता है. यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करके जान बचाता है.
- नकली 'ORS' क्या है? कई कंपनियां सालों से 'ORS' नाम का इस्तेमाल करके बाजार में टेट्रा पैक वाले ड्रिंक्स बेच रही थीं (जैसे ORSL). डॉक्टरों का कहना है कि इन ड्रिंक्स में WHO फॉर्मूले के मुकाबले 10 गुना तक ज्यादा चीनी होती है और इलेक्ट्रोलाइट्स बहुत कम होते हैं.
- खतरा क्या है? डॉक्टर शिवरंजनी के मुताबिक, ये हाई-शुगर ड्रिंक्स दस्त से पीड़ित बच्चे को फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान कर सकते हैं. ज्यादा चीनी दस्त को और बिगाड़ सकती है. भारत में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का एक बड़ा कारण डायरिया है, इसलिए यह मामला बहुत गंभीर है.
इस भ्रम को खत्म करने के लिए, FSSAI ने 14 अक्टूबर 2025 को एक बहुत अच्छा फैसला लिया था. FSSAI ने आदेश दिया कि कोई भी रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेज या फ्रूट ड्रिंक, जो WHO के असली ORS फॉर्मूले का पालन नहीं करता, वह अपने लेबल पर 'ORS' शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकता. इस फैसले की डॉक्टर शिवरंजनी समेत कई डॉक्टरों ने तारीफ भी की थी.
तो अब विवाद क्यों?
ताजा विवाद FSSAI के 14 अक्टूबर के बैन के बाद का है. डॉक्टरों और हेल्थ एक्टिविस्टों का आरोप है कि FSSAI ने बैन तो लगा दिया, लेकिन कंपनी को अपना पुराना, गलत लेबल वाला माल (ORSL स्टॉक) बेचने के लिए 'स्टे ऑर्डर' (Stay Order) दे दिया.
जबकि FSSAI, जैसा कि उनकी तस्वीर से साफ है, इस बात से सीधे तौर पर इनकार कर रहा है. FSSAI का कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई इजाजत नहीं दी है और यह गलत जानकारी फैलाई जा रही है.













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