कभी हवा में टकराए प्लेन, तो कभी समुद्र में गिरी फ्लाइट; भारत के सबसे खौफनाक विमान हादसों के बारे में जानिए
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अहमदाबाद: गुरुवार 12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में एयर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट AI171 उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों में मेघाणीनगर क्षेत्र में क्रैश हो गई. विमान में 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य शामिल थे. हादसे के तुरंत बाद आसमान में काला धुआं छा गया और मौके पर 12 फायर ब्रिगेड और कई एंबुलेंस भेजी गईं. यह दुर्घटना भारत के एविएशन सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर गई है.

भारत में विमान दुर्घटनाओं का इतिहास दशकों पुराना है. टेक्निकल फेल्योर, पायलट की चूक, और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था इन हादसों के प्रमुख कारण रहे हैं. यह चिंता इसलिए और गहरी हो जाती है क्योंकि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन चुका है. यहां जानिए उन सबसे भयानक विमान हादसों के बारे में जो इतिहास में दर्ज हो गए

चर्खी दादरी मिड-एयर क्रैश (1996)- 349 मौतें

साल 1996 में दो विमानों की हवा में टक्कर, जो आज भी दुनिया का सबसे घातक मिड-एयर क्रैश माना जाता है. यह हादसा 12 नवंबर 1996 को हरियाणा के चरखी दादरी के पास हुआ था. तब दो यात्री विमान हवा में टकरा गए थे. इसमें 349 लोगों की मौत हुई थी.

एयर इंडिया फ्लाइट 855 (1978)- 213 मौतें

यह हादसा 1 जनवरी 1978 को मुंबई के पास हुआ था. विमान अरब सागर में गिर गया था. विमान ने शाम लगभग 8:00 बजे मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी. हादसे में सभी 213 लोग मारे गए थे. इसमें 190 यात्री और 23 क्रू मेंबर थे.

एयर इंडिया एक्सप्रेस 812 (मैंगलोर, 2010)- 158 मौतें

22 मई 2010 को एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान IX-812 हादसा का शिकार हो गया था. ये हादसा कर्नाटक के मेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ था. इसमें 158 लोग मारे गए थे. विमान में कुल 160 लोग सवार थे. विमान सुबह करीब 6:05 बजे मेंगलुरु में लैंड करने की कोशिश कर रहा था. टेबलेटॉप रनवे होने के चलते पायलट ने विमान को रनवे पर काफी आगे जाकर उतारा. विमान रनवे से फिसलकर काफी आगे चला गया और उसमें आग लग गई.

आईसी-113 अहमदाबाद क्रैश (1988) – 130 मौतें

रनवे पर तकनीकी खामी और कम विजिबिलिटी के चलते यह हादसा हुआ था. 19 अक्टूबर 1988 को अहमदाबाद में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC 113 हादसे का शिकार हो गई थी. इसमें 130 लोगों की जान चली गई थी. मुंबई से आया विमान सुबह 6:38 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था. मौसम खराब था और विजिबिलिटी बहुत कम थी. बावजूद इसके पायलट ने लैंडिंग जारी रखी. इस बीच विमान एयरपोर्ट से करीब 2 किलोमीटर पहले ही एक पेड़ और बिजली के खंभे से टकरा गया. इसके बाद एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई.

एलायंस एयर 7412 (पटना, 2000) – 60 से अधिक मौतें

17 जुलाई 2000 को एलाइंस एयर (Alliance Air) की फ्लाइट 7412 पटना एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. विमान पटना में लैंडिंग के लिए तैयार था. मौसम ठीक नहीं था और हवा भी तेज थी. लैंडिंग के दौरान पायलट ने विमान को रनवे से पहले ही नीचे ले जाना शुरू कर दिया. विमान की स्पीड बहुत कम हो गई और वह स्टॉल हो गया. यानी उड़ने की ताकत खो बैठा. विमान बैलेंस खोकर झुका और पटना के एक घनी आबादी वाले इलाके में क्रैश कर गया. इस विमान हादसे में 60 लोगों की मौत हुई थी.

हाइजैकिंग की घटनाएं भी शामिल

1971 से 2000 तक भारत में 15 से ज्यादा विमान हाइजैक हो चुके हैं. सबसे चर्चित केस था इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 814 (1999), जिसे आतंकवादियों ने कंधार ले जाकर बंधकों की रिहाई के बदले आतंकियों को छुड़वा लिया.