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हैदराबाद गैंगरेप मामले में चौथा आरोपी गिरफ्तार

हैदराबाद पुलिस ने दिल दहला देने वाले सामूहिक दुष्कर्म मामले में रविवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि पांचवें आरोपी की तलाश जारी है.

हैदराबाद गैंगरेप मामले में चौथा आरोपी गिरफ्तार
Representational Image (Photo Credit : PTI)

हैदराबाद, 5 जून : हैदराबाद पुलिस (Hyderabad Police) ने दिल दहला देने वाले सामूहिक दुष्कर्म मामले में रविवार को एक और आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि पांचवें आरोपी की तलाश जारी है. पुलिस उपायुक्त जोएल डेविस ने बताया कि रविवार को जुबली हिल्स पुलिस ने एक सीसीएल (कानून के साथ संघर्ष में बच्चा) को गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी ने कहा, "अब तक 5 आरोपियों में से एक मुख्य आरोपी और 3 किशोरों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी को पकड़ने के प्रयास जारी है." पुलिस के अनुसार, इन सभी को एक जुविनायल कोर्ट में पेश किया जाएगा.

सादुद्दीन मलिक (18) को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो आरोपियों, दोनों नाबालिगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया. दूसरा मुख्य आरोपी ओमैर खान (18) अभी फरार है. आरोपी ने 28 मई को एक कार में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया था. इसमें शामिल किशोरों में से एक तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के एक नेता का बेटा है, जो सरकार द्वारा संचालित अल्पसंख्यक निकाय का प्रमुख है. 28 मई की शाम एक पब में पार्टी में शामिल होकर घर लौट रही पीड़िता को लिफ्ट देने का वादा कर आरोपी ने दुष्कर्म किया था. पुलिस अधिकारी ने उस जगह का खुलासा करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया, जहां अपराध हुआ था कि इससे पीड़िता की पहचान का पता चल जाएगा. यह भी पढ़ें : दिल्ली में पर्यावरण के संरक्षण के लिए हर संभव कोशिश की जा रही: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने पीड़िता को वापस पब के पास छोड़ दिया. उसने अपने पिता को बुलाया, जिन्होंने उसे उठाया, लेकिन उन्हें संदेह था कि उसके साथ कुछ अनहोनी हुई है, क्योंकि उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे. 31 मई को, पीड़िता के पिता ने यह कहते हुए पुलिस से संपर्क किया कि उनकी बेटी गैर-अल्कोहल पार्टी में गई थी और उन्हें संदेह है कि शायद वहां छेड़छाड़ हुई है. उन्होंने पुलिस को बताया कि लड़की सदमे की स्थिति में है और बात करने में सक्षम नहीं है.

शिकायत के आधार पर, पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 और यौन अपराधों से बच्चों की रोकथाम (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी. डीसीपी ने कहा, मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, अगले दिन पीड़िता की काउंसलिंग के बाद, पुलिस ने उसे भरोसा केंद्र भेजा, जहां महिला अधिकारियों ने उसका विश्वास जगया.

पीड़िता के बयान के आधार पर, पुलिस ने मामले को आईपीसी की धारा 376 डी और पोक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 में बदल दिया और चूंकि पीड़ित पर चोट के निशान थे, इसलिए आईपीसी की धारा 323 भी जोड़ी गई. नगर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर विभिन्न टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने विवरण एकत्र करना शुरू कर दिया. पीड़िता आरोपी की पहचान का खुलासा करने की स्थिति में नहीं थी, क्योंकि वह आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी. सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पीड़िता के बयान से इसकी पुष्टि हुई, हमने पांच आरोपियों की पहचान की. विपक्षी भाजपा के नेताओं द्वारा आरोप लगाया गया कि राज्य के गृह मंत्री के पोते और एमआईएम विधायक के बेटे भी शामिल हैं.

पुलिस अधिकारी ने गृह मंत्री के पोते की संलिप्तता के आरोपों को 100 प्रतिशत निराधार करार दिया. उन्होंने यह भी कहा कि ना तो पीड़िता के बयान और ना ही अब तक जमा किये गए अन्य सबूतों से पता चलता है कि विधायक का बेटा शामिल है. मामले को एक नया मोड़ देते हुए, भाजपा विधायक रघुनंदन राव ने शनिवार को एक कार में पीड़िता के साथ समझौता करने की स्थिति में विधायक के बेटे की तस्वीरें और वीडियो जारी की. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विधायक के बेटे को बचाने की कोशिश कर रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2022 03:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).