वित्त मंत्री ने पेश किया संतुलित बजट, देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार: हर्ष भुटा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया आम बजट 2025 राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए विकास को बढ़ावा देने वाला एक संतुलित बजट है.

Credit-(ANI )

नई दिल्ली, 2 फरवरी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया आम बजट 2025 राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए विकास को बढ़ावा देने वाला एक संतुलित बजट है. इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन,, सस्टेनेबल एनर्जी और टैक्स नीतियों के सरलीकरण पर सरकार का फोकस सराहनीय है. यह बयान रविवार को भुटा शाह एंड कंपनी एलएलपी में पार्टनर हर्ष भुटा ने दिया. भुटा ने कहा कि बजट में एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी आधारित सेक्टरों पर खास फोकस किया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी से रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. क्रेडिट की पहुंच बढ़ने से मैन्युफैक्चरिंग और रियल एस्टेट को सेक्टर को फायदा लाभ होगा. वहीं, एआई, सेमीकंडक्टर और आरएंडडी के लिए प्रोत्साहन भारत के टेक्नोलॉजी आधारित भविष्य को बढ़ावा देता है. यह भी पढ़ें : Mahakumbh 2025: महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं ने कहा, ‘डरने की जरूरत नहीं, व्यवस्थाएं अच्छी हैं’

भुटा के मुताबिक, सरकार ने बजट में 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स छूट देकर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है. इससे 25 लाख रुपये तक की आय वाले लोग 1.1 लाख रुपये तक की बचत कर पाएंगे. इससे देश में खपत को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी.

वित्त मंत्री द्वारा कहा गया कि नई टैक्स रिजीम के तहत 0-4 लाख रुपये की आय पर टैक्स शून्य होगा. वहीं, 4-8 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत, 8-12 लाख रुपये की आय पर 10 प्रतिशत, 12-16 लाख रुपये की आय पर 15 प्रतिशत, 16-20 लाख रुपये की आय पर 20 प्रतिशत, 20-24 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत और 24 लाख से अधिक की आय पर टैक्स की दर 30 प्रतिशत होगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नई टैक्स रिजीम के तहत किए गए इस बदलाव के बाद 12 लाख रुपये की आय पर 80,000 रुपये की बचत होगी. वहीं, 18 लाख रुपये की आय पर 70,000 रुपये, 25 लाख रुपये की आय पर 1,10,000 रुपये की बचत होगी. भुटा ने आगे कहा कि वित्त मंत्री द्वारा बजट में नए इनकम टैक्स बिल का ऐलान किया गया है. इससे भारत का टैक्स फ्रेमवर्क आधुनिक होगा. आखिरी इनकम टैक्स बिल 1962 में आया था. इसके लागू होने के बाद टैक्स के नियम सरल होंगे.

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