देश

Film Ajey Controversy: सीएम योगी के जीवन पर बनी फिल्म खुद देखेगा बॉम्बे हाईकोर्ट, सोमवार फैसले की उम्मीद

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म 'अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी' को लेकर बॉम्बे कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) और फिल्म के निर्माता आमने-सामने हैं, जिसके चलते अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद फिल्म देखने और फैसला सुनाने का निर्णय लिया है.

Film Ajey Controversy: सीएम योगी के जीवन पर बनी फिल्म खुद देखेगा बॉम्बे हाईकोर्ट, सोमवार फैसले की उम्मीद

मुंबई, 21 अगस्त : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म 'अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ए योगी' को लेकर बॉम्बे कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) और फिल्म के निर्माता आमने-सामने हैं, जिसके चलते अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद फिल्म देखने और फैसला सुनाने का निर्णय लिया है.

फिल्म के निर्माता सम्राट सिनेमैटिक प्रोडक्शन हाउस ने दावा किया है कि उन्होंने 5 जून को फिल्म सर्टिफिकेट के लिए सेंसर बोर्ड में आवेदन किया था, लेकिन तय समय सीमा 15 दिन के भीतर सीबीएफसी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद, उन्होंने 3 जुलाई को 'प्राथमिकता योजना' के तहत तीन गुना फीस भरकर फिर से आवेदन किया. उन्हें 7 जुलाई को स्क्रीनिंग की तारीख मिली, लेकिन स्क्रीनिंग एक दिन पहले ही बिना कारण रद्द कर दी गई. फिल्म के निर्माता और अभिनेता अजय मेंगी ने कहा, ''हमें नहीं पता कि फिल्म क्यों रोकी जा रही है. हमने पूरी मेहनत से फिल्म बनाई है, और इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. यह फिल्म 'द मॉन्क हू बिकेम चीफ मिनिस्टर' किताब पर आधारित है. अगर योगी जी ने समाज के लिए काम किया है, तो उन पर फिल्म बननी ही चाहिए.'' यह भी पढ़ें : Gia Manek Wedding: शादी के बंधन में बंधी ‘गोपी बहू,’ भूत शुद्धि विवाह पद्धति से थामा वरुण जैन का हाथ

उन्होंने आगे कहा, ''सीबीएफसी की एग्जामिनेशन कमेटी ने बिना कोई ठोस कारण बताए 29 सीन पर आपत्ति जताई. फिर, रिवाइजिंग कमेटी ने 8 आपत्तियां हटा दीं, लेकिन 21 को बरकरार रखा. इन 21 में से एक सीन में केवल 'सॉरी' कहा गया था, जिस पर सीबीएफसी ने पूछा कि इसमें सॉरी क्यों बोला गया है. ऐसी आपत्तियां पूरी तरह से असंगत हैं." इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कहा कि अब वह खुद फिल्म देखेगा और सोमवार को फैसला सुनाएगा. याचिका में फिल्म निर्माताओं ने एक गंभीर आरोप लगाया है कि सीबीएफसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' लाने को कहा, जबकि कानून में इसकी कोई जरूरत नहीं है. यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है और एक फिल्म को रोकने का अवैध तरीका है.

निर्माताओं का कहना है कि यह फिल्म योगी आदित्यनाथ के निजी और राजनीतिक जीवन की एक प्रेरणादायक कहानी है, जिसे देश के लोगों तक पहुंचना चाहिए. बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन 'महारानी 2' के निर्देशक रवींद्र गौतम ने किया है. फिल्म में दिनेश लाल यादव (निरहुआ), अजय मेंगी, पवन मल्होत्रा, राजेश खट्टर, गरिमा विक्रांत सिंह, और सरवर आहूजा जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में भी रिलीज की जाएगी. मीत ब्रदर्स ने संगीत तैयार किया है और कहानी को दिलीप बच्चन झा और प्रियांक दुबे ने मिलकर लिखा है. अब मेकर्स की उम्मीदें सोमवार को आने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले से लगी हुई हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2025 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).