UPI-Based Withdrawals For PF: EPFO का बड़ा तोहफा! अब UPI से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा, अप्रैल 2026 से शुरू होगी सेवा; जानें पूरी प्रक्रिया
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 6 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए पीएफ निकासी की प्रक्रिया को हाई-टेक बनाने जा रहा है. अप्रैल 2026 से सब्सक्राइबर यूपीआई (UPI) के जरिए तुरंत अपने बैंक खाते में पीएफ का पैसा प्राप्त कर सकेंगे.
UPI-Based Withdrawals For PF: डिजिटल इंडिया (Digital India) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation) यानी ईपीएफओ (EPFO) अपनी भुगतान प्रणाली को आधुनिक बनाने की तैयारी कर रहा है. शनिवार, 17 जनवरी 2026 को सामने आई ताजा अपडेट के अनुसार, ईपीएफओ अप्रैल 2026 तक अपने सिस्टम में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface) यानी यूपीआई (UPI) को पूरी तरह एकीकृत (Integrate) कर देगा. इस बदलाव के बाद, पीएफ निकालने के लिए कई दिनों का इंतजार खत्म हो जाएगा और सदस्य "रियल-टाइम" में फंड सीधे अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर सकेंगे.
वर्तमान में, ईपीएफओ क्लेम सेटलमेंट के लिए NEFT या RTGS जैसी पारंपरिक प्रणालियों का उपयोग करता है, जिसमें पैसा खाते में आने में अक्सर 3 से 7 दिन का समय लग जाता है. नई व्यवस्था इसे ‘मिनटों’ के काम में बदल देगी. यह भी पढ़ें: EPS Pensioners: EPFO की नई पहल, अब घर बैठे मुफ्त में बनवा सकेंगे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, जानिए पूरी प्रक्रिया
क्यों जरूरी है यूपीआई आधारित निकासी?
ईपीएफओ हर साल लगभग 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस करता है. मैन्युअल इंटरवेंशन और पुरानी तकनीक के कारण कई बार क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं या देरी होती है.
- त्वरित समाधान: चिकित्सा आपात स्थिति, शादी या शिक्षा जैसी जरूरतों के लिए सदस्यों को तत्काल धन की आवश्यकता होती है. यूपीआई से पैसा 'इंस्टेंट क्रेडिट' होगा.
- सटीकता: यूपीआई के मजबूत सत्यापन (Verification) से उन गलतियों की संभावना कम हो जाएगी जो बैंक विवरण भरने में मानवीय त्रुटि के कारण होती हैं.
- पारदर्शिता: उमंग (UMANG) ऐप या ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से सदस्य अपने भुगतान की स्थिति को अधिक बेहतर ढंग से ट्रैक कर सकेंगे.
कैसे काम करेगा नया सिस्टम और क्या हैं नियम?
ईपीएफओ के अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा 'EPFO 3.0' अपग्रेड का हिस्सा है.
- निकासी की सीमा: नियमों के अनुसार, सदस्यों को अपने पीएफ फंड का 100% हिस्सा निकालने की अनुमति नहीं होगी. खाते का एक हिस्सा (लगभग 25%) 'फ्रीज' या सुरक्षित रखा जाएगा ताकि भविष्य की बचत और चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का लाभ मिलता रहे.
- अनिवार्य शर्तें: इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सदस्य का UAN (Universal Account Number) एक्टिव होना चाहिए और बैंक खाते के साथ आधार एवं मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है (KYC कम्पलायंट).
- प्लेटफॉर्म: शुरुआत में यह सुविधा 'भीम' (BHIM) ऐप के जरिए मिल सकती है, जिसे बाद में गूगल पे और फोनपे जैसे अन्य लोकप्रिय यूपीआई प्लेटफॉर्म्स तक विस्तारित किया जाएगा. यह भी पढ़ें: EPFO: नौकरीपेशा से लेकर पेंशनभोगियों तक को दिवाली तोहफा, ईपीएफ बोर्ड की बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुविधा के साथ-साथ ईपीएफओ सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) सिस्टम तैयार किया जा रहा है. पैसा केवल उसी बैंक खाते में जाएगा जो यूएएन से जुड़ा है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी.
यह सुधार न केवल पीएफ निकासी को आसान बनाएगा बल्कि सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए एक नया 'ब्लूप्रिंट' भी पेश करेगा.