Pariksha Pe Charcha 2023: पीएम मोदी ने छात्रों को बताया, परीक्षा के तनाव को कैसे करें दूर? देखें Video
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि दबाव में न रहें! सोचें, विश्लेषण करें, कार्य करें और फिर जो आप चाहते हैं उसे प्राप्त करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दें.
Pariksha Pe Charcha 2023: नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कूली छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ की. इस दौरान उन्होंने कहा 'परीक्षा पर चर्चा' मेरी भी परीक्षा है और देश के कोटि-कोटि विद्यार्थी मेरी परीक्षा ले रहे हैं... मुझे ये परीक्षा देने में आनंद आता है. परिवारों को अपने बच्चों से उम्मीदें होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर यह सिर्फ सामाजिक स्थिति बनाए रखने के लिए है, तो यह खतरनाक हो जाता है.'
पीएम मोदी ने कहा "सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं वैसे भी जीवन में हमे समय के प्रबंधन के प्रति जागरूक रहना चाहिए. काम का ढेर इसलिए हो जाता है क्योंकि समय पर उसे नहीं किया. काम करने की कभी थकान नहीं होती, काम करने से संतोष होता है. काम ना करने से थकान होती है कि इतना काम बचा है." ये भी पढ़ें- अलीगढ़ की अलीशा जैनब ने जीता राजभाषा हिंदी उत्तम राइटिंग कंप्टिशन का पहला पुरस्कार, इस संस्था ने किया सम्मानित
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा "मेहनती बच्चों को चिंता रहती है कि मैं मेहनत करता हूं और कुछ लोग चोरी कर अपना काम कर लेते हैं. ये जो मूल्यों में बदलाव आया है ये सामज के लिए खतरनाक है. अब जिंगदी बदल चुकी है जगत बहुत बदल चुका है. आज हर कदम पर परीक्षा देनी पड़ती है. नकल से जिंदगी नहीं बन सकती है."
पीएम मोदी ने कहा "हम राजनीति में कितने ही चुनाव क्यों न जीत लें लेकिन ऐसा दवाब पैदा किया जाता है कि हमें हारना नहीं है. चारों तरफ से दबाव बनाया जाता है. क्या हमें इन दबावों से दबना चाहिए? अगर आप अपनी एक्टिविटी पर फोकस रहते हैं तो आप ऐसे संकट से बाहर आ जाएंगे. कभी भी दबावों के दबाव में न रहें."
उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हैं जो बहुत मेहनत करते हैं. कुछ लोगों के लिए कड़ी मेहनत उनके जीवन के शब्दकोश में मौजूद नहीं है. कुछ मुश्किल से स्मार्ट वर्क करते हैं और कुछ स्मार्ट तराके से हार्ड वर्क करते हैं. हमें इन पहलुओं की बारीकियों को सीखना चाहिए और परिणाम के लिए उसी अनुसार काम करना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा "एक बार आपने इस बात को स्वीकार कर लिया कि मेरी ये क्षमता है ये स्थिति है तो मुझे इसके अनुकूल चीजें खोजनी होगी. ज्यादातर लोग सामान्य होते हैं, असाधारण लोग बहुत कम होते हैं. सामान्य लोग असामान्य काम करते हैं और जब सामान्य लोग असामान्य काम करते हैं तब वे ऊंचाई पर जाते हैं."
उन्होंने कहा "आज दुनिया में आर्थिक तुलनात्मक में भारत को एक आशा की किरण के रूप में देखा जा रहा है. 2-3 साल पहले हमारी सरकार के विषय में लिखा जाता था कि इनके पास कोई अर्थशास्त्री नहीं है सब सामान्य हैं,PM को अर्थशास्त्र के बारे में कुछ नहीं पता. जिस देश को सामान्य कहा जाता था वे आज चमक रहा है."
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2023 12:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

