भोपाल: मध्य प्रदेश में एक ऐसी अवैध प्रयोगशाला का पता चला है जिससे सभी सुरक्षा एजेंसियो की नींद उड़ गई है. दरअसल मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी मुहिम में डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने इंदौर में एक अवैध प्रयोगशाला पकड़ी है. जहां पर प्रयोगशाला के लिए केमिकल और वैज्ञानिक उपकरणों के कारखाने की आड़ में फेंटानिल ड्रग बनाया जाता था. छापेमारी के दौरान करीब 11 किलोग्राम फेंटानिल हाइड्रोक्लोराइड मिला है जो करीब 40-50 लाख लोगों की जान ले सकता है. यह एक प्रकार का नशीला पदार्थ होता है.
जानकारी के मुताबिक इस मामलें में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें एक 'अमेरिका विरोधी' पीएचडी स्कॉलर केमिस्ट भी शामिल है. सभी आरोपियों की पहचान जॉर्ज सॉलिस (43), मोहम्मद सादिक (59) और मनु गुप्ता (45) के रूप में हुई है. सॉलिस मैक्सिको का नागरिक है. संदेह है कि मैक्सिको का नागरिक दोनों स्थानीय आरोपियों से फेंटानिल हाइड्रोक्लोराइड की खेप लेने इंदौर आया था.
तीनों आरोपियों को एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज एक्ट) मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया जहां से कोर्ट ने तीनों आरोपियों को पांच अक्तूबर तक डीआरआई हिरासत में भेज दिया है. जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि फेंटानिल हाइड्रोक्लोराइड बनाने के आरोपी कच्चा माल कहा और किन लोगों से खरीदते थे.
भारत में फेंटानिल की जब्ती का यह पहला मामला है. जानकरों के मुताबिक किसी भी केमिकल युद्ध के लिए इसका इस्तमाल बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकता था. इसलिए इस जब्ती ने दिल्ली तक को चिंतित कर दिया है. इस खेप की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है.
फेंटानिल ड्रग क्या है-
यह एक एक घातक सिंथेटिक ओपियॉड है. फेंटानिल ऐसा मादक पदार्थ है जिसका इस्तेमाल दर्दनिवारक दवाएं और बेहोश करने में किया जाता है. अन्य मादक द्रव्यों के साथ इसके अलग-अलग मिश्रण अवैध तौर पर तैयार कर इसका उपयोग नशे के लिये भी किया जाता है. यह ड्रग आसानी से फैलता है. शरीर में इसकी मात्र 2 मिलीग्राम मात्रा ही अगर चली जाएं तो व्यक्ति की मौत हो सकती है.













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