खालिस्तानी अलगाववादियों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने अपनाया सख्त रुख, जानें अवैध अप्रवासियों को लेकर क्या बोले पीएम मोदी
दो दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर मंत्रणा की, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई और एक संयुक्त बयान जारी किया.
नई दिल्ली, 14 फरवरी : दो दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर मंत्रणा की, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई और एक संयुक्त बयान जारी किया. इस बैठक में दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने के लिए कुछ अहम पहलुओं पर चर्चा हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति ने खालिस्तानी मुद्दे पर, तो वहीं पीएम मोदी ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर मुखरता से अपनी बात रखी.
प्रधानमंत्री मोदी ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखते हुए कहा कि यह केवल भारत का मुद्दा नहीं है, यह एक वैश्विक समस्या है. जो लोग अवैध तरीके से दूसरे देशों में रह रहे हैं, उन्हें वहां रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है. जहां तक भारत और अमेरिका का सवाल है, अगर किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता की पुष्टि हो जाती है और वह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा है, तो भारत उसे वापस लेने के लिए तैयार है. यह भी पढ़ें : PM Modi US Visit: पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के ‘मोटो’ ‘मागा’ से ‘मिगा’ जोड़ दिखाई ‘मेगा’ साझेदारी की राह
पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस मुद्दे को यहीं समाप्त नहीं किया जा सकता. यह सिर्फ एक कानूनी समस्या नहीं है, बल्कि मानवाधिकार का भी मामला है. कई लोग बड़ी उम्मीदों के साथ दूसरे देशों में जाते हैं, लेकिन अधिकतर अवैध प्रवासी मानव तस्करी के जाल में फंस जाते हैं. हमें इन अपराधों से निपटने के लिए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट करना चाहिए. भारत और अमेरिका इस दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खालिस्तानी अलगाववादियों द्वारा भारत के हितों के खिलाफ काम करने पर कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत के बाइडेन प्रशासन के साथ बहुत अच्छे संबंध थे. कई ऐसे मुद्दे थे, जो भारत और बाइडेन प्रशासन के बीच ठीक नहीं थे. हालांकि, अब हम एक बहुत ही हिंसक व्यक्ति तहव्वुर राणा को भारत को प्रत्यर्पित कर रहे हैं. हम अपराधियों के खिलाफ भारत के साथ मिलकर काम करते हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि यह कदम हमारे सहयोग को और मजबूत करेगा.
दोनों देशों के नेताओं ने मानवाधिकार, आतंकवाद, और आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. पीएम मोदी ने भी इस अवसर पर दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने का आह्वान किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 14, 2025 10:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

