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Stock Market Today: शेयर बाजार में भारी गिरावट, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से सेंसेक्स 1,600 से अधिक अंक टूटा; निवेशकों के डूबे ₹4 लाख करोड़

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ अंतरिम संघर्ष-विराम समझौता 'खत्म' होने की घोषणा के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई. सेंसेक्स 1,600 से अधिक अंक और निफ्टी 500 अंक से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों के करीब 4 लाख करोड़ रुपये डूब गए.

Stock Market Today: शेयर बाजार में भारी गिरावट, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से सेंसेक्स 1,600 से अधिक अंक टूटा; निवेशकों के डूबे ₹4 लाख करोड़
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

मुंबई: वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण बुधवार, 8 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया. दोनों प्रमुख सूचकांक— सेंसेक्स और निफ्टी (Sensex and Nifty)— भारी बिकवाली के दबाव में 2 प्रतिशत से अधिक टूट गए. बाजार में गिरावट की रफ्तार दोपहर के कारोबारी सत्र के दौरान उस समय और तेज हो गई, जब अंकारा में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान के साथ संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुआ अंतरिम युद्धविराम समझौता "खत्म" हो चुका है. ट्रंप के इस बयान से मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव बढ़ने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं को बल मिला, जिसने निवेशकों के भरोसे को पूरी तरह झकझोर दिया. यह भी पढ़ें: RBI Bank Holidays in July 2026: जुलाई में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? RBI ने जारी की राज्यवार छुट्टियों की सूची, यहां करें चेक

सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक गिरावट

दोपहर के कारोबार के दौरान बिकवाली इतनी चौतरफा थी कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी (Nifty) करीब 530 अंक तक लुढ़क गया, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे ट्रेड में 1,722 अंक से अधिक टूटकर 76,457.73 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में मंदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निफ्टी के 50 में से 45 शेयर लाल निशान (गिरावट) में कारोबार कर रहे थे, जबकि सेंसेक्स की सभी 30 प्रमुख कंपनियां भारी नुकसान के साथ बंद हुईं.

निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

बाजार में आए इस अचानक और तीखे सुधार (करेक्शन) के कारण महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की करीब 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई. इसके साथ ही, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) घटकर 476 लाख करोड़ रुपये के स्तर से नीचे आ गया. सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशक जोखिम वाले इक्विटी बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और सेक्टोरल विसंगति

इससे पहले सुबह के सत्र में बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी, जहां सेंसेक्स 364.27 अंक नीचे 77,816.45 पर और निफ्टी 139.15 अंक गिरकर 24,259.55 पर खुला था. लेकिन ट्रंप के बयान के बाद वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 6 प्रतिशत से अधिक उछलकर 78.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.

ईंधन की कीमतों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों पर इसका सबसे बुरा असर देखा गया. शुरुआती सत्र से ही निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद निफ्टी मीडिया, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सीमेंट, मेटल, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर्स में भी 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे बड़े शेयर आज बाजार के सबसे बड़े लॉपर्स (गिरावट वाले शेयर) साबित हुए.

क्या है अमेरिका-ईरान विवाद का बैकग्राउंड?

यह ताजा बाजार क्रैश पिछले कुछ दिनों से ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हुए हमलों और उसके बाद अमेरिका द्वारा की गई जवाबी एयरस्ट्राइक का नतीजा है. अमेरिका ने ईरान से जुड़े करीब 80 ठिकानों पर बमबारी की थी, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.

बुधवार को तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब अमेरिका ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की अनुमति देने वाले सामान्य लाइसेंस को रद्द कर दिया. इसी कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले महीने हुए युद्धविराम समझौते को पूरी तरह खत्म घोषित कर दिया, जिससे भारतीय और एशियाई बाजारों (विशेषकर दक्षिण कोरिया के कोस्पी और जापान के निक्की) में भारी गिरावट दर्ज की गई.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 08, 2026 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).