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Sahil Wakode Suicide Case: साहिल वाकोडे की मौत के मामले में IIT बॉम्बे के छात्रों का कैंडल मार्च, जांच समिति के पुनर्गठन की उठाई मांग

संस्थान ने शेष मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं 10 और 11 अक्टूबर तक स्थगित कर दी हैं, ताकि नई समिति अपनी सिफारिशें तैयार कर सके. फिलहाल इस मामले की जांच IIT बॉम्बे की आंतरिक समिति, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अलग-अलग स्तर पर कर रहे हैं. साहिल वाकोडे की मौत की परिस्थितियां और लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं.

Sahil Wakode Suicide Case: साहिल वाकोडे की मौत के मामले में IIT बॉम्बे के छात्रों का कैंडल मार्च, जांच समिति के पुनर्गठन की उठाई मांग

Sahil Wakode Suicide Case: आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के छात्र साहिल वाकोडे (Sahil Wakode) की मौत के एक सप्ताह बाद शुक्रवार रात छात्रों ने परिसर में कैंडल मार्च निकाला और मामले की जांच कर रही समिति के पुनर्गठन की मांग की. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि मौजूदा 10 सदस्यीय जांच समिति पूरी तरह स्वतंत्र नहीं है, इसलिए इसमें बाहरी विशेषज्ञों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके. यह भी पढ़ें: IIT Bombay Student Death: आईआईटी बॉम्बे छात्र की मौत मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, ACP स्तर के अधिकारी करेंगे पड़ताल

कैंडल मार्च संस्थान के मुख्य द्वार स्थित जस्टिस कॉर्नर (Justice Corner) से शुरू होकर हॉस्टल-4 तक निकाला गया, जहां 18 सितंबर को साहिल वाकोडे मृत पाए गए थे. छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य मामले की स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करना है.

जांच समिति के पुनर्गठन की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की है कि मौजूदा जांच समिति को भंग कर नई समिति बनाई जाए, जिसमें आईआईटी बॉम्बे के वर्तमान कर्मचारी या छात्र शामिल न हों. छात्रों ने प्रस्तावित समिति में पूर्व योजना आयोग सदस्य भालचंद्र मुंगेकर (Bhalchandra Mungekar), वरिष्ठ पत्रकार पी. साईनाथ (P. Sainath), सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनियानी (Ram Puniyani) और शिक्षाविद सुखदेव थोराट (Sukhadeo Thorat) में से कम से कम दो लोगों को शामिल करने की मांग की है.

छात्रों का आरोप है कि मौजूदा समिति के कुछ सदस्यों ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला (Suryanarayana Doolla) के प्रति समर्थन व्यक्त किया था, जिनका नाम इस मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल है.

प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग

छात्रों ने यह भी मांग की है कि आपराधिक जांच पूरी होने तक प्रोफेसर डूला को सभी प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियों से अलग रखा जाए. IIT बॉम्बे पहले ही उन्हें निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अवकाश पर भेज चुका है. उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में जातीय भेदभाव और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप शामिल हैं. हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच जारी है और अदालत में इनकी पुष्टि नहीं हुई है.

क्या है साहिल वाकोडे मामला?

दूसरे वर्ष के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को मौत हो गई थी. प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, वह मिड-सेमेस्टर परीक्षा देने के बाद सीधे अपने हॉस्टल के कमरे में गए थे. आईआईटी बॉम्बे ने पहले बताया था कि परीक्षा के दौरान साहिल के मोबाइल फोन पर कथित रूप से एक AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया था. इसके बाद पुलिस ने छात्रों, परीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ की. मुंबई क्राइम ब्रांच अब तक 20 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है और साहिल के लॉक मोबाइल फोन का डेटा प्राप्त करने की कोशिश कर रही है.

परिवार ने लगाया जातीय भेदभाव का आरोप

साहिल वाकोडे के परिजनों का आरोप है कि संस्थान में उनके बेटे के साथ जातीय भेदभाव किया गया, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया. परिवार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भी 24 सितंबर को IIT बॉम्बे का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और संस्थान से Action Taken Report तथा जांच रिपोर्ट मांगी है. आयोग ने साहिल के परिजनों से भी मुलाकात कर उनकी शिकायतें सुनीं और कहा कि तथ्यों एवं सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

IIT बॉम्बे ने शुरू की नियमों की समीक्षा

इस बीच IIT बॉम्बे ने शैक्षणिक कदाचार (Academic Misconduct) से जुड़े मामलों की प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है. इसके लिए शिक्षकों और छात्रों की समान भागीदारी वाली नई समिति बनाई गई है, जो संशोधित दिशा-निर्देश तैयार करेगी. इसमें परीक्षकों के लिए स्पष्ट प्रक्रिया और अनुशासनात्मक कार्रवाई से पहले छात्रों को मेंटर से बात करने का अवसर देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं.

संस्थान ने शेष मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं 10 और 11 अक्टूबर तक स्थगित कर दी हैं, ताकि नई समिति अपनी सिफारिशें तैयार कर सके. फिलहाल इस मामले की जांच IIT बॉम्बे की आंतरिक समिति, मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अलग-अलग स्तर पर कर रहे हैं. साहिल वाकोडे की मौत की परिस्थितियां और लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 26, 2026 07:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).