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डिजिटल तकनीक ने हमें कोविड से निपटने, कनेक्ट करने, आराम और सांत्वना देने में मदद की : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि जहां सम्मेलन विफल हो जाता है, वहां नवाचार मदद करता है, क्योंकि उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान, डिजिटल तकनीक ने लोगों को सामना करने, जुड़ने, आराम करने और सांत्वना देने में मदद की.

डिजिटल तकनीक ने हमें कोविड से निपटने, कनेक्ट करने, आराम और सांत्वना देने में मदद की : पीएम मोदी
नरेंद्र मोदी (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली, 17 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बुधवार को कहा कि जहां सम्मेलन विफल हो जाता है, वहां नवाचार मदद करता है, क्योंकि उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान, डिजिटल तकनीक ने लोगों को सामना करने, जुड़ने, आराम करने और सांत्वना देने में मदद की. 2016 के बाद से हर साल पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े डिजिटल और स्टार्ट-अप कार्यक्रमों में से एक, विवाटेक के 5वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, भारत की सार्वभौमिक और अद्वितीय जैव-मीट्रिक डिजिटल पहचान प्रणाली- आधार ने गरीबों को समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद की.

मोदी ने कहा, हम 80 करोड़ लोगों को मुफ्त भोजन की आपूर्ति कर सकते हैं, और कई घरों में खाना पकाने के ईंधन की सब्सिडी प्रदान कर सकते हैं. हम, भारत में, छात्रों की मदद के लिए दो सार्वजनिक डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम - स्वयं और दीक्षा - को त्वरित समय में संचालित करने में सक्षम हैं. प्रधानमंत्री ने महामारी की चुनौती को पूरा करने में स्टार्ट-अप क्षेत्र की भूमिका की भी प्रशंसा की और बताया कि कैसे स्वदेशी आईटी प्लेटफॉर्म, आरोग्य सेतु ने संपर्क ट्रेसिंग को सक्षम किया और कोविन डिजिटल प्लेटफॉर्म ने पहले ही लाखों लोगों को टीके सुनिश्चित करने में मदद की है. यह भी पढ़ें : Monsoon Alert: अगले 3 घंटों में मुंबई, ठाणे और पालघर में तेज बारिश की भविष्यवाणी

मोदी ने कहा, भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्ट-अप इको सिस्टमों में से एक है. हाल के वर्षों में कई यूनिकॉर्न सामने आए हैं. भारत प्रतिभा, बाजार, पूंजी, पारिस्थितिकी तंत्र और खुलेपन की संस्कृति के स्तंभ नवप्रवर्तनकर्ताओं और निवेशकों की जरूरत की पेशकश करता है. प्रधानमंत्री ने भारत की प्रतिभा पूल, मोबाइल फोन की पहुंच, 775 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता, दुनिया में उच्चतम और सस्ते डेटा खपत जैसी ताकत पर भी जोर दिया. और भारत में निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए सोशल मीडिया का सर्वाधिक उपयोग.

उन्होंने देश भर में अत्याधुनिक सार्वजनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे, 523,000 किलोमीटर फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क को 156,000 ग्राम परिषदों और सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क से जोड़ने जैसी पहल की भी गणना की. पिछले एक साल में अलग-अलग सेक्टरों में आए व्यवधान के बारे में प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि व्यवधान का मतलब निराशा नहीं है, बल्कि मरम्मत और तैयारी की दोहरी नींव पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, इस बार पिछले साल, दुनिया अभी भी एक वैक्सीन की मांग कर रही थी. आज, हमारे पास बहुत कुछ है. इसी तरह, हमें स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और अपनी अर्थव्यवस्थाओं की मरम्मत जारी रखनी है. हमने भारत में सभी क्षेत्रों में बड़े सुधार लागू किए हैं, चाहे वह खनन हो, अंतरिक्ष हो, बैंकिंग, परमाणु ऊर्जा और बहुत कुछ. इससे पता चलता है कि भारत एक राष्ट्र के रूप में अनुकूलनीय और चुस्त है, यहां तक कि महामारी के बीच में भी. प्रधानमंत्री ने अगली महामारी के खिलाफ हमारे ग्रह को बचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, और स्टार्ट-अप समुदाय से इस चुनौती को दूर करने के लिए सामूहिक भावना और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ काम करने का आह्वान किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2021 09:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).