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LDF Internal Conflict: पीएम श्री योजना पर विजयन सरकार के कदम को लेकर एलडीएफ में मतभेद

सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने बुधवार को दोहराया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) केरल में लागू नहीं की जाएगी. केरल में सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार में भाकपा दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पीएम श्री योजना के तहत धनराशि स्वीकार करने से राज्य को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

LDF Internal Conflict: पीएम श्री योजना पर विजयन सरकार के कदम को लेकर एलडीएफ में मतभेद

तिरुवनंतपुरम, 22 अक्टूबर: सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने बुधवार को दोहराया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) केरल में लागू नहीं की जाएगी. केरल में सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार में भाकपा दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पीएम श्री योजना के तहत धनराशि स्वीकार करने से राज्य को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. पीएम श्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने का एक "पिछला दरवाजा" बताते हुए, विश्वम ने कहा कि धनराशि और नीति "एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं."

उन्होंने बताया कि माकपा महासचिव एम.ए. बेबी पहले ही पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं. विश्वम का यह बयान माकपा विधायक और राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी की उस घोषणा के जवाब में है जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य पीएम श्री योजना को आगे बढ़ाएगा. विश्वम ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से पहले राज्य के चार भाकपा कैबिनेट मंत्रियों को अपने घर बुलाकर उनके साथ चर्चा करने के तुरंत बाद मीडिया से बात की. कैबिनेट बैठक में, भाकपा के मंत्रियों ने पीएम श्री योजना का मुद्दा उठाया, और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, न तो मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और न ही शिवनकुट्टी ने इस बारे में कुछ कहा. यह भी पढ़े :GST सुधार और स्वदेशी उत्पादों की मजबूत मांग से इस वर्ष दिवाली की बिक्री रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची: निर्मला सीतारमण

भाकपा ने इस बात पर भी अपनी नाराजगी जताई है कि माकपा ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चे के साथ उचित परामर्श किए बिना पीएम श्री योजना को आगे बढ़ाने की घोषणा करके एकतरफा फैसला लिया है. इस बहस को एक नया आयाम देते हुए, विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि "केंद्रीय धन स्वीकार करने में कुछ भी गलत नहीं है," लेकिन उन्होंने ऐसी योजनाओं के जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के "सांप्रदायिक एजेंडे" को पनपने न देने की चेतावनी दी.

उन्होंने कहा, "यह पैसा प्रधानमंत्री आवास से नहीं आता. पीएम श्री योजना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शासित राज्यों में पहले ही लागू हो चुकी है, लेकिन यह कांग्रेस के सत्ता में आने से पहले लागू की गई थी. हम सभी ने माकपा के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन का रूखा जवाब सुना, जब उन्होंने पूछा, यह भाकपा कौन है?" सतीशन ने कहा, "यह शर्म की बात है कि सीपीआई जैसी पार्टी को सीपीआई(एम) द्वारा अपमानित किया जा रहा है और अब समय आ गया है कि वे एलडीएफ को छोड़ दें."

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 22, 2025 04:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).