Delhi Violence: जहांगीरपुरी हिंसा में रिहा हुए बदमाशों पर है क्राइम ब्रांच की नजर

क्राइम ब्रांच की टीम को कुछ ठोस पता चलने पर वे रिहा किए गए गैंगस्टरों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाएंगे. अपराध शाखा अपने मामले को पुख्ता करने के लिए वैज्ञानिक और डिजिटल सबूत जुटाने के लिए स्पेशल सेल और उसकी आईएफएसओ विंग की मदद ले रही है.

जहांगीरपुरी हिंसा (Photo Credit: Twitter)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की अपराध शाखा ने जहांगीरपुरी हिंसा (Jahangirpuri Violence) के पीछे की पूरी साजिश का पदार्फाश करने के लिए हाल ही में जमानत या पैरोल पर रिहा हुए गैंगस्टरों (Gangsters) की एक सूची तैयार की है. जांच से जुड़े सूत्रों ने कहा कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिहा किए गए गैंगस्टर हिंसा (Gangster Violence) में शामिल थे या नहीं.

एक सूत्र ने कहा, "हमें पता चला है कि 20 गैंगस्टर मामले में गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में थे. हम मामले में गिरफ्तारी के लिए उनके खिलाफ सबूत जुटा रहे हैं."

सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच कई थ्योरी पर काम कर रही है. उनमें से एक यह था कि यह एक बड़ी साजिश थी और मुख्य आरोपी अंसार और इमाम उर्फ सोनू को अन्य लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था.

दूसरी थ्योरी यह थी कि अंसार जुलूस में शामिल लोगों से निपटने में मदद करने के लिए गैंगस्टरों को लामबंद कर रहा था.

क्राइम ब्रांच की टीम को कुछ ठोस पता चलने पर वे रिहा किए गए गैंगस्टरों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाएंगे. अपराध शाखा अपने मामले को पुख्ता करने के लिए वैज्ञानिक और डिजिटल सबूत जुटाने के लिए स्पेशल सेल और उसकी आईएफएसओ विंग की मदद ले रही है.

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