Delhi-NCR CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में सीएनजी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, 48 घंटे में दूसरी बार बढ़े दाम, जानें नई दरें
दिल्ली-एनसीआर में आज से सीएनजी (CNG) की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है. पिछले 48 घंटों में यह लगातार दूसरी वृद्धि है, जिसके बाद दिल्ली में सीएनजी के दाम 80 रुपये के पार पहुंच गए हैं. नोएडा और गाजियाबाद में भी नई दरें लागू हो गई हैं.
Delhi-NCR CNG Price Hike: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले आम नागरिकों और वाहन चालकों को आज महंगाई का एक और झटका लगा है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आज, 17 मई 2026 से सीएनजी (CNG) की खुदरा कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है. पिछले दो दिनों (48 घंटे) के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बड़ी वृद्धि है. इस ताजा संशोधन के बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत पहली बार 80 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है.
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में नई दरें लागू
गैस वितरण कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नई दरें आज सुबह 6:00 बजे से प्रभावी हो गई हैं. इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली (NCT of Delhi) में सीएनजी की कीमत अब 80.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. यह भी पढ़े: India-Pak Petrol-Diesel Prices: पाकिस्तान में सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, भारत में बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशन; जानें दोनों देशों के रेट में कितना है फर्क
दिल्ली-NCR में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी
वहीं, उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले एनसीआर क्षेत्रों यानी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की नई कीमत बढ़कर 88.70 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. इस वृद्धि के बाद अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर बना हुआ है.
48 घंटे में कुल 3 रुपये प्रति किलो की वृद्धि
शहरी गैस वितरण नेटवर्क में यह बदलाव बेहद कम समय के अंतराल पर देखा गया है. इससे ठीक दो दिन पहले, यानी 15 मई 2026 को ही सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी.
इन दो क्रमिक संशोधनों के कारण दिल्ली-एनसीआर के उपभोक्ताओं पर महज 48 घंटे के भीतर कुल 3 रुपये प्रति किलोग्राम का अतिरिक्त बोझ पड़ चुका है. बार-बार हो रहे इस बदलाव से दैनिक यात्रियों और व्यावसायिक वाहन चालकों का बजट प्रभावित होने की आशंका है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार और भू-राजनीतिक तनाव का असर
ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, खुदरा कीमतों में इस लगातार बढ़ोतरी का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता है. मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल की इनपुट लागत में काफी वृद्धि हुई है. इसी बढ़ी हुई लागत के अंतर को पाटने के लिए घरेलू स्तर पर कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं.
आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर प्रभाव
सीएनजी के दामों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों, ऐप आधारित कैब और माल ढुलाई करने वाले हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCVs) के परिचालन खर्च पर पड़ेगा.
विभिन्न ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने पहले ही न्यूनतम किराए में वृद्धि की मांग शुरू कर दी है. परिवहन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में आवश्यक वस्तुओं और कूरियर सेवाओं की कीमतों पर भी इसका आंशिक असर देखने को मिल सकता है.