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दिल्ली सरकार ने छह शहीदों के परिजनों के लिए एक-एक करोड़ की सम्मान राशि की दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले दिल्ली के छह शहीद जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देगी.

दिल्ली सरकार ने छह शहीदों के परिजनों के लिए एक-एक करोड़ की सम्मान राशि की दी मंजूरी
Photo Credits: Twitter

नई दिल्ली, 16 जनवरी: दिल्ली सरकार ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले दिल्ली के छह शहीद जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देगी. सरकार दिल्ली पुलिस में तैनात एएसआई ओम प्रकाश व एएसआई राधेश्याम, भारतीय सेना में तैनात मेजर रघुनाथ, कैप्टन जयंत जोशी, दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मी पुनीत गुप्ता और फायर ऑपरेटर प्रवीर कुमार के परिवार को सम्मान राशि देगी.

इस संबंध में राजस्व विभाग से आए प्रस्ताव को सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी मंजूरी दे दी है. बता दें कि इस योजना के तहत दिल्ली के निवासी सेना, पुलिस, पैरामिलिट्री, दिल्ली सिविल डिफेंस, होम गार्ड के जवान आते हैं. ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस योजना के पात्र हैं.

एएसआई ओम प्रकाश ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में तैनात थे. घटना के दिन वो सी-लाल चौक पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात थे, जब वो अपने सहयोगी के साथ चौक पर वाहनों की जांच कर रहे थे, तभी लगभग 11 बजकर 45 मिनट पर उन्हें एक मोटरसाइकिल पर उनकी तरफ आते तीन लोग दिखे.  यह भी पढ़े:  कर्नाटक सरकार में महिला अधिकारियों के बारे में संदिग्ध रूप से जानकारी इकट्ठा करने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार

जब उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर रहे मोटरसाइकिल सवारों को रोकने की कोशिश की, तो मोटरसाइकिल सवारों ने उन्हें टक्कर मार दी. मोटरसाइकिल की टक्कर लगने से एएसआई ओम प्रकाश गिर गए और उनका सिर सड़क से टकरा गया, उन्हें गंभीर चोटें आईं और उन्हें एम्स ले जाया गया. वहां कुछ समय तक इलाज चलने के बाद वो शहीद हो गए.

द्वारका निवासी मेजर रघुनाथ भारतीय सेना की तीसरी बटालियन, पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) में थे. संभावित घुसपैठ के बारे में एजेंसियों की खुफिया जानकारी के आधार पर 5 मई 2022 को लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पास जोखिम भरे इलाके से ऑपरेशन के दौरान फिसलकर वह सलामाबाद नाले में गिर गए और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे मेजर रघुनाथ शहीद हो गए.

पांडव नगर निवासी पुनीत गुप्ता ने जांच के दौरान टेढ़े-मेढ़े तरीके से आ रहे एक ट्रक को रूकने को कहा, लेकिन, ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी. ट्रक से कुचलने से उनकी मौत हो गई। प्रवीण कुमार फायर स्टेशन में तैनात थे. एक डिस्पोजेबल प्लेट बनाने वाली फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान इमारत का पिछला हिस्सा ढह गया, जिससे प्रवीण कुमार सहित कई अग्निशमन कर्मी झुलस गए.

सेप्टिसेमिक शॉक के कारण प्रवीण कुमार शहीद हो गए. ड्यूटी के दौरान एएसआई राधेश्याम ने एक ट्रक को वजीराबाद मुकरबा चौक की ओर आते देखा। ट्रक का ड्राइवर गलत लेन में ट्रक चला रहा था. एएसआई राधेश्याम ने ट्रक को रुकने का इशारा किया, लेकिन जैसे ही उस ट्रक ने ब्रेक लगाया, सड़क पर आ रही दूसरी गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारी और एएसआई राधेश्याम गंभीर रूप से घायल हो गए.

उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. द्वारका निवासी कैप्टन जयंत जोशी भारतीय सेना की 254 आर्मी एवन स्क्वाड्रन (एएलएच) में तैनात थे. 3 अगस्त 2021 को कैप्टन जयंत जोशी को एक अभ्यास अभियान के लिए हेलीकॉप्टर के को-पायलट के रूप में नियुक्त किया गया. अभ्यास के दौरान उनका हेलीकॉप्टर लैंडिंग दुर्घटनाग्रस्त होकर पठानकोट के रंजीत सागर बांध में गिर गया और उस दुर्घटना में कैप्टन जयंत जोशी शहीद हो गए.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 17, 2024 04:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).