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पाकिस्तानी सिंधी दुल्हनों को केंद्र सरकार से मिली भारत आने की विशेष अनुमति, 150 से अधिक दुल्हनें हवाई मार्ग से पहुंचीं देश

सीमा पार से तय हुए विवाहों पर लगी रोक के बाद केंद्र सरकार से मिली विशेष अनुमति के तहत 150 से अधिक पाकिस्तानी सिंधी दुल्हनें हवाई मार्ग से भारत पहुंच गई हैं. 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद वाघा-अटारी सीमा बंद होने और वीजा प्रतिबंधों के कारण इन शादियों को रोक दिया गया था.

पाकिस्तानी सिंधी दुल्हनों को  केंद्र सरकार से मिली भारत आने की विशेष अनुमति, 150 से अधिक दुल्हनें हवाई मार्ग से पहुंचीं देश

Pakistani Sindhi Brides: सीमा पार से तय हुए विवाहों पर लगी रोक के बाद केंद्र सरकार से मिली विशेष अनुमति के तहत 150 से अधिक पाकिस्तानी सिंधी दुल्हनें हवाई मार्ग से भारत पहुंच गई हैं. 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद वाघा-अटारी सीमा बंद होने और वीजा प्रतिबंधों के कारण इन शादियों को रोक दिया गया था. गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा दिए गए विशेष क्लीयरेंस के बाद इन परिवारों को दुबई, मस्कट और श्रीलंका जैसे वैकल्पिक हवाई मार्गों के जरिए भारत आने की अनुमति दी गई.

सीमा प्रतिबंधों का कारण और प्रभाव

पाकिस्तान के सिंध प्रांत और भारत के विभिन्न शहरों के बीच लंबे समय से विवाह संबंध होते रहे हैं, जो पहले वाघा-अटारी स्थल सीमा के माध्यम से सुगम थे. हालांकि, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू करने और स्थल सीमाओं को बंद करने से सुरक्षा नियम सख्त कर दिए गए. इसके चलते वीजा जारी करने पर रोक लग गई और दर्जनों तयशुदा शादियां अधर में लटक गईं.  यह भी पढ़े:  उच्च न्यायालय ने 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की को उसके पति को सौंपे जाने की अनुमति दी

धार्मिक पीठ की पहल और वैकल्पिक हवाई मार्ग

समस्या के समाधान के लिए समुदाय के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान के सिंध प्रांत स्थित शादानी दरबार (घोटकी) के प्रमुख संत युधिष्ठिरलाल शादानी से संपर्क किया. उन्होंने नागपुर, रायपुर, जोधपुर और पुणे जैसे भारतीय शहरों के युवाओं से सगाई कर चुकी महिलाओं की सूची तैयार कर गृह मंत्रालय से गुहार लगाई. मंत्रालय ने केवल हवाई मार्ग से यात्रा करने की सख्त शर्त पर वीजा मंजूर किया. इसके तहत अप्रैल से लेकर अब तक लगभग 150 दुल्हनें और उनके 450 रिश्तेदार तीसरे देशों के रास्ते भारत पहुंचे हैं.

वर्तमान स्थिति और आगामी मांगें

समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुसार 150 दुल्हनें अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच चुकी हैं, लेकिन पाकिस्तान में लगभग 300 अन्य महिलाएं अभी भी वीजा क्लीयरेंस का इंतजार कर रही हैं. स्थानीय नागरिक प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि शेष बचे परिवारों को भी इसी तरह की छूट प्रदान की जाए ताकि रुका हुआ विवाह कार्य संपन्न हो सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2026 02:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).