Dehradun Shocker: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से घरेलू हिंसा की एक बेहद चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है. यहाँ के सेलाकुई इलाके में एक 32 वर्षीय महिला को उसके पति और ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर लगभग 10 महीने तक एक कमरे और शौचालय में बंधक बनाकर रखने का मामला प्रकाश में आया है. पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान उसे गंभीर रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, महिला की शादी करीब दो साल पहले हुई थी. साल 2025 में उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया. पीड़िता का आरोप है कि बच्चों के जन्म के बाद से ही उसके ससुराल वालों का रवैया बदल गया और उसका उत्पीड़न शुरू हो गया. यह भी पढ़े: Dehradun Shocker: जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद महिला को 10 महीने तक टॉयलेट में रखा बंद, भूखा रखकर लाठी-डंडों से पीटा; पति और सास-ससुर पर केस दर्ज
पीड़िता के पति दिल्ली में एक शिक्षक (Teacher) के रूप में कार्यरत हैं, जबकि महिला देहरादून के सेलाकुई में अपने सास-ससुर के साथ रह रही थी. परिजनों का आरोप है कि बच्चों के जन्म के बाद प्रताड़ना दिन-ब-दिन बढ़ती गई और महिला को पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया गया.
शौचालय में रखा बंद, सिर्फ चावल और प्याज देकर रखा जिंदा
दर्ज शिकायत के मुताबिक, महिला को कई महीनों तक एक कमरे और शौचालय के भीतर बंद रखा गया था. इस दौरान उसे पर्याप्त भोजन और चिकित्सा सुविधा से भी वंचित रखा गया. पीड़िता के परिवार का दावा है कि उसे जिंदा रहने के लिए केवल बुनियादी चीजें जैसे चावल और प्याज दिया जाता था.
इसके अलावा, महिला के साथ लाठी-डंडों और बोतलों से बेरहमी से मारपीट की जाती थी. आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन इस मामले को बेहद संवेदनशीलता से ले रहा है.
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
महिला के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सेलाकुई थाना पुलिस ने पीड़िता के पति, सास और ससुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. जांच अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है. जल्द ही आरोपियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की गिरफ्तारी और कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
घरेलू हिंसा को लेकर बढ़ी चिंताएं
इस घटना ने एक बार फिर समाज में घरेलू हिंसा और पीड़ितों द्वारा इसकी रिपोर्ट करने में आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया है. महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने ऐसे मामलों में मौजूदा कानूनों को सख्ती से लागू करने और बंधक बनाने या शारीरिक हिंसा के मामलों में तुरंत हस्तक्षेप करने वाले तंत्र को मजबूत करने की मांग की है.
मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर: यदि आप या आपका कोई परिचित घरेलू हिंसा या प्रताड़ना का सामना कर रहा है, तो इन नंबरों पर संपर्क कर मदद ली जा सकती है:
महिला हेल्पलाइन (Women’s Helpline) - 181
पुलिस महिला और वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन - 1091 / 1291
राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन (NCW) - 112
राष्ट्रीय महिला आयोग (हिंसा के खिलाफ विशेष नंबर) - 7827170170
चाइल्डलाइन इंडिया (बच्चों के लिए) - 1098













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