देहरादून, 3 जून: उत्तराखंड (Uttarakhand) के देहरादून (Dehradun) जिले से घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और अमानवीय व्यवहार की एक बेहद स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ के सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक 32 वर्षीय महिला को उसके ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर लगभग 10 महीने तक टॉयलेट और एक छोटे कमरे में बंद कर बंधक बनाए रखने का मामला प्रकाश में आया है. स्थानीय पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, महिला का आरोप है कि उसके जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद से ही उसके पति और सास-ससुर ने उसे अत्यधिक शारीरिक और मानसिक यातनाएं देना शुरू कर दिया था. इस दौरान उसे बुनियादी भोजन और आवश्यक चिकित्सा देखभाल से पूरी तरह दूर रखा गया. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है. यह भी पढ़ें: Uttarakhand Road Accident: उत्तराखंड के देवप्रयाग में भीषण सड़क हादसा, 200 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन; राजस्थान के 3 लोगों की मौत, 5 लापता (Watch Video)
टॉयलेट में कैद और केवल प्याज-चावल पर जिंदा रहने को मजबूर
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, उसे कई महीनों तक एक शौचालय और कमरे के भीतर कैद कर के रखा गया था. इस लंबी अवधि के दौरान उसे जीवित रहने के लिए बेहद सीमित मात्रा में भोजन दिया जाता था. महिला के मायके पक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले उसे खाने के लिए केवल चावल और प्याज जैसी बुनियादी चीजें ही देते थे.
इसके अलावा, अमानवीयता की हदें पार करते हुए महिला को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं या डॉक्टरों तक पहुँचने की अनुमति नहीं दी गई. इस अलगाव (Isolation) के कारण महिला की शारीरिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई.
बोतलों और लाठी-डंडों से बेरहमी से की जाती थी मारपीट
शिकायत में ससुराल वालों पर बेहद गंभीर और दर्दनाक आरोप लगाए गए हैं. पीड़िता का कहना है कि उसे बंद कमरे में बोतलों, लाठियों और डंडों से बेरहमी से पीटा जाता था. इन हमलों में उसके निजी अंगों (Private Parts) को भी निशाना बनाकर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं.
इस क्रूरता और प्रताड़ना की खबर जब स्थानीय स्तर पर फैली, तो मामले की गंभीरता और भयावहता को देखते हुए इसने पूरे राज्य का ध्यान आकर्षित किया है. लोग सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
पुलिस ने दर्ज किया मामला; जांच जारी
पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के आधार पर सेलाकुई पुलिस स्टेशन में महिला के पति और उसके सास-ससुर के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है. जांचकर्ताओं ने मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए सबूत इकट्ठा करना और घटनास्थल का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है.
पुलिस अधिकारियों ने अभी तक चल रही जांच के विस्तृत निष्कर्षों को सार्वजनिक नहीं किया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द ही आरोपियों तथा अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके बाद आगे की दंडात्मक कार्रवाई होगी.
बच्चों के जन्म के बाद बढ़ी प्रताड़ना; दिल्ली में शिक्षक है पति
शिकायत के विवरण के अनुसार, महिला की शादी लगभग दो वर्ष पहले हुई थी और उसने साल 2025 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था. उसका पति देश की राजधानी दिल्ली में एक शिक्षक (Teacher) के रूप में कार्यरत है, जबकि महिला देहरादून के सेलाकुई में अपने सास-ससुर के साथ रह रही थी.
परिजनों का आरोप है कि बच्चों के जन्म के तुरंत बाद से ही ससुराल वालों का व्यवहार पूरी तरह बदल गया और उन्होंने महिला को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. यह सिलसिला कई महीनों तक लगातार चलता रहा, जिसके बाद आखिरकार यह मामला प्रशासनिक प्राधिकारियों के संज्ञान में आया. महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून को और सख्त बनाने तथा त्वरित कार्रवाई तंत्र (Intervention Mechanisms) को मजबूत करने की मांग की है.













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