देश के वीर सपूत अभिनंदन वर्धमान की डीब्रीफिंग हुई पूरी, कुछ हफ्तों के लिए छुट्टी पर भेजे गए

देश के वीर सपूत अभिनंदन वर्धमान की डीब्रीफिंग हुई पूरी, कुछ हफ्तों के लिए छुट्टी पर भेजे गए
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे और अभिनंदन वर्धमान (Photo Credits: IANS)

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे में करीब 60 घंटे रहकर वतन लौटे विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) की डीब्रीफिंग (सवाल-जवाब) प्रक्रिया पूरी हो गई है. इसके बाद उन्हें अब कुछ समय के लिए छुट्टी पर भेजा जाएगा. वहीं बताया जा रहा है कि छुट्टी से लौटने के बाद अभिनंदन फिर से वायुसेना में बतौर पायलट जुड़ जाएंगे. हालांकि अभिनंदन के ज्वाइनिंग को लेकर वायुसेना की ओर से अब तक कुछ नहीं बताया गया है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक भारतीय वायुसेना और अन्य एजेंसियों द्वारा अभिनंदन वर्धमान की डीब्रीफिंग पूरी कर ली गई है. जिसके बाद अभिनंदन को डॉक्टरों की सलाह पर कुछ हफ्तों के लिए छुट्टी पर भेजा जा रहा हैं. उनके कई चिकित्सकीय परीक्षण भी किए गए है.

वायुसेना के सूत्रों के अनुसार, भविष्य में मेडिकल रिव्यू बोर्ड विंग कमांडर अभिनंदन की मेडिकल फिटनेस को जांचेगा और यह तय करेगा कि वह लड़ाकू विमान के रूप में अपने ऑपरेशन को फिर से कब शुरू कर सकते हैं.

विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को एक फरवरी को अटारी-बाघा सीमा से पाकिस्तान से भारत वापस लाने के बाद देर रात दिल्ली लाया गया था जहां भारतीय वायु सेना के कई वरिष्ठ पायलटों ने उनसे मुलाकात की थी.

अधिकारियों के मुताबिक यह सुनिश्चित करने की कोशिशें की जा रही हैं कि वह जल्द ही कॉकपिट में लौट आएं. यह भी पढ़े- भारत के एयर स्ट्राइक में मारे गए 200 से ज्यादा आतंकी, शवों को पाक आर्मी ने दफनाया

भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को खदेड़ने के दौरान हवा में हुई लड़ाई के दौरान उनका मिग 21 बाइसन गिर गया था जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया था. इससे पहले वर्धमान ने पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराया था.

जिसके बाद 27 फरवरी को दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच झड़प में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान ने बंधक बना लिया था. हालांकि भारत के दबाव के कारण एक मार्च को विंग कमांडर को रिहा कर दिया गया.

पाकिस्तान में पकड़े जाने के बाद वर्धमान ने मुश्किल परिस्थितियों से निपटने में साहस का परिचय दिया जिसके लिए नेता, कूटनीतिक मामलों के विशेषज्ञ, पूर्व सैन्य कर्मी, मशहूर हस्तियां और आम जनता उनकी प्रशंसा कर रही है.

(भाषा इनपुट के साथ)