Vande Bharat Express Breakfast Controversy: वंदे भारत एक्सप्रेस के नाश्ते में निकला मरा कीड़ा, आम आदमी पार्टी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर साधा निशाना; VIDEO

Vande Bharat Express Breakfast Controversy: वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-टेक और प्रीमियम ट्रेन में सफर करने वालों को उस वक्त झटका लगा, जब एक यात्री को उसके नाश्ते के पैकेट में मरा हुआ कीड़ा मिला. यह घटना पटना से हावड़ा जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में हुई. जैसे ही यात्री ने अपने पैक्ड ब्रेकफास्ट को खोला, उसमें एक मरा हुआ कीड़ा पाया गया. इस बात से को-पैसेंजर्स में भी गुस्सा फैल गया और यात्री ने तुरंत इसकी शिकायत रेलवे अधिकारियों से कर दी. इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पर सीधा हमला बोला है.

पार्टी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “वंदे भारत के नाश्ते में निकला कीड़ा. पार्ट टाइम रेलवे मिनिस्टर और फुल टाइम रील मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव जी, वंदे भारत की रील्स शेयर करते नहीं थकते, लेकिन हकीकत कुछ और है. हाल ही में पटना से हावड़ा जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस में एक यात्री के नाश्ते के पैकेट में मरा हुआ कीड़ा मिला. इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं. रील मंत्री @AshwiniVaishnaw जी, क्या इस वीडियो को भी शेयर करेंगे?”

ये भी पढें: International Women’s Day 2025: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी को सम्मान, वंदे भारत, लोकल ट्रेन और मेट्रो की महिलाओं ने संभाली कमान; देखें VIDEOS

 

वंदे भारत ट्रेन के नाश्ते में मिला कीड़ा!

यूजर्स ने की शिकायत

इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कई लोगों ने रेल मंत्रालय की सेवाओं पर सवाल खड़े किए हैं और यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ ना करने की अपील की है. वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरी ट्रेन व्यवस्था की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, खासकर तब जब वंदे भारत जैसी ट्रेनों को देश की "शान" बताया जा रहा है.

रेलवे की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यात्रियों की शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, संबंधित केटरिंग सर्विस को नोटिस भेजा गया है और घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है.

 रेल मंत्री के प्रतिक्रिया का इंतजार

वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की आधुनिक रेलवे का चेहरा बताया गया है, लेकिन बार-बार यात्रियों को मिलने वाली खराब सुविधाएं सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर रही हैं.

इस घटना ने न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा और सेहत से जुड़े सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि तकनीक और स्पीड से ज्यादा जरूरी है क्वालिटी कंट्रोल और निगरानी. अब देखना होगा कि रेलवे मंत्रालय इस मामले में क्या एक्शन लेता है और क्या रेल मंत्री खुद आगे आकर जवाब देंगे.