संस्कृति और पर्यटन दो एक साथ चलने वाले ट्रैक नहीं, कभी न अलग होने वाले एक ही वैल्यू चेन के स्तंभ हैं: गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को फिक्की इवेंट में भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक महत्ता को बढ़ाने और उसे एक नया आकार देने में पर्यटन की अहम भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने पर्यटन को देश की सभ्यता की पहचान और भविष्य में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया.
नई दिल्ली, 28 नवंबर : केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को फिक्की इवेंट में भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक महत्ता को बढ़ाने और उसे एक नया आकार देने में पर्यटन की अहम भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने पर्यटन को देश की सभ्यता की पहचान और भविष्य में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया.
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने फिक्की की 98वीं एनुअल जनरल मीटिंग और एनुअल कन्वेंशन में अपने संबोधन में कहा, "संस्कृति और पर्यटन दो एक साथ चलने वाले ट्रैक नहीं हैं; वे एक ही वैल्यू चेन के ऐसे पिलर हैं, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता." उन्होंने इवेंट में जानकारी देते हुए बताया कि ग्लोबल टूरिज्म इकोसिस्टम करीब 10 प्रतिशत नौकरियों में अपना योगदान देता है भारत के विकास की संभावना रखता है. उन्होंने कहा कि एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, फूड एंड बेवरेजेस, हैंडीक्राफ्ट, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल सर्विसेज जैसे सेक्टर में टूरिज्म-लेड डेवलपमेंट अवसरों को पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह भी पढ़ें : सशक्त आत्मा ही विश्व एकता की संकल्पना को साकार करने की आधारशिला: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का अनुभव कर रहा है, जो कि टूरिज्म लैंडस्कैप को पूरी तरह से बदल रहा है. उनके अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग शहरों में एयरपोर्ट, नए टर्मिनल, एक्सप्रेसवे, रेलवे कनेक्टिविटी और 10,000 किलोमीटर मेट्रो लाइन एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा को आसान बना रहे हैं.
उन्होंने कहा, "हम कल्चर, टूरिज्म, वेलनेस और ह्यूमन कनेक्शन के लिए दुनिया के सबसे पसंदीदा गंतव्य में से एक के रूप में उभर रहे हैं." साथ ही, उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर और पार्टनर को भारत की तेजी से बदलती टूरिज्म जर्नी में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया.डिजिटल सुधारों को लेकर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने ट्रांसपेरेंसी, एफिशिएंसी और ईज ऑफ एक्सेस में सुधार पेश करते हुए पर्यटन में एक नई क्रांति ला दी है.
उन्होंने कहा कि भारत का 2.0 डिजिटल आर्किटेक्चर सिंगल-प्वाइंट वेरिफिकेशन और निर्बाध ट्रैवल एक्सपीरियंस ऑफर करता है. उन्होंने आगे कहा कि भारत खुद को टूरिज्म टेक्नोलॉजी के ग्लोबल फ्रंटियर के रूप में स्थापित कर रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की टूरिज्म क्रांति एक संयुक्त मिशन है, जिसे सरकार, इंडस्ट्री और कम्युनिटी मिल कर एक नया आकार दे रहे हैं और इसे देश की इकोनॉमिक और सिविलाइजेशन ग्रोथ का एक सच्चा इंजन बना रहे हैं.
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री शेखावत ने इवेंट के साइडलाइन में मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमने संरक्षण गतिविधियों के लिए बजट बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं, जिसमें युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय भी शामिल है. इसके अलावा, वित्त मंत्रालय से बजट बढ़ाने का अनुरोध किया गया है." उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष ग्लोबल स्टैंडर्ड के 50 आईकॉनिट ट्रैवल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की घोषणा की गई थी, इसके लिए वित्त मंत्रालय को वित्तीय संसाधन बनाने का अनुरोध किया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 28, 2025 04:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

