COVID-19: कितनी खतरनाक होगी कोरोना की चौथी लहर? IIT कानपुर की रिपोर्ट में सामने आई यह बात
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

देश में कोरोना (COVID-19) के मामले बढ़ रहे हैं. इस बीच हर किसी के मन में कोरोना की चौथी लहर को लेकर डर है. हालांकि अब जो रिपोर्ट सामने आ रही है वह राहतभरी है. गणितीय मॉडल के आधार पर कोरोना का सटीक आकलन करने वाले आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल (Manindra Agrawal) का कहना है कि देश में कोरोना की चौथी लहर की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा, अगर कोरोना की चौथी लहर देश में आती भी है तो लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. COVID 4th Wave: दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर की शुरुआत? जानें कब आएगा पीक- क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट. 

प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण में आने वाले दिनों में बहुत ज्यादा वृद्धि के आसार नहीं हैं. संक्रमण दर स्थिर रहने और कोरोना का कोई नया चिंताजनक वेरिएंट सामने नहीं आने के कारण ऐसी उम्मीद जताई जा रही है. उन्होंने कहा कि चौथी लहर तीसरी की तरह ही कम समय के लिए आएगी और घातक भी कम होगी.

प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल ने कहा, देश में 90 फीसदी से अधिक लोगों में अब नेचुरल इम्यूनिटी डेवलप हो गई है. बता दें कि प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल ने कोरोना की पहली दूसरी और तीसरी लहर में गणिती मॉडल के आधार पर सटीक आंकलन किया था. अब प्रोफेसर अग्रवाल का कहना है कि आंकड़ों के हिसाब से चौथी लहराने की संभावना नहीं है. हालांकि, वायरस के म्यूटेंट में बदलाव आता है तो इस स्थिति में बदलाव हो सकता है.

देश में हाल ही में कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि के बारे में, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर ने अपने अध्ययन में कहा कि यह वृद्धि प्रतिबंधों को हटाए जाने के कारण है. Omicron के नए वेरिएंट थोड़े अधिक संक्रामक हैं. उन्होंने कहा कोरोना उपयुक्त व्यवहार का पालन कर संक्रमण की गति को कम किया जा सकता है.