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Coronavirus Pandemic: कोरोना टेस्ट करवाने और हॉस्पिटल में बेड ढूंढने के लिए मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम सहित देश के कई हिस्सों में लोगों को करना पड़ रहा है संघर्ष

जैसे-जैसे संक्रमित मामलों की संख्या बढ़ रही है, देश के विभिन्न हिस्सों से कई रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि कोरोनो वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं. सोशल मीडिया पर पर लोग इस बारे में अपने अनुभव शेयर कर रहे हैं.

Coronavirus Pandemic: कोरोना टेस्ट करवाने और हॉस्पिटल में बेड ढूंढने के लिए मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम सहित देश के कई हिस्सों में लोगों को करना पड़ रहा है संघर्ष
कोरोना से जंग (Photo Credit-PTI)

नई दिल्ली: देश में इस सप्ताह लगभग हर रोज रिकॉर्ड संख्या में कोरोनो वायरस (Coronavirus) के मामले सामने आ रहे हैं. जैसे-जैसे संक्रमित मामलों की संख्या बढ़ रही है, देश के विभिन्न हिस्सों से कई रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि कोरोनो वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि जब वे अपने परिजनों को अस्पताल में भर्ती करवाने या कोरोना वायरस (COVID-19) का परीक्षण करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे तो उन्हें कई समस्याओं से जूझना पड़ा.  ऐसी खबरें दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम सहित कई अन्य शहरों से आ रही हैं.

पत्रकार कुणाल पुरोहित (Kunal Purohit) ने ट्विटर पर लिखा, कि उनके परिवार में पांच उच्च-जोखिम वाले रोगियों का कोरोना वायरस टेस्ट नहीं किया गया. उन्होंने ट्वीट किया, "मेरे चाचा की मृत्यु के 2 दिन और 6 घंटे के बाद हमारे परिवार में 5 हाई रिस्क वाले रोगी हैं. इनमें से दो में बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं और एक सदस्य कई अन्य बिमारीयों से जूझ रहा है. लेकिन, बीएमसी ने उनका टेस्ट नहीं किया. कोई संपर्क नहीं किया, ट्रेसिंग भी नहीं की, जब तक BMC उन तक पहुंचे तब तक वे क्या करें इसकी भी सलाह नहीं दी गई है. यह भी पढ़ें- Coronavirus in India: कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देशों की लिस्‍ट में इटली को पीछे छोड़कर 6वें नंबर पर पहुंचा भारत.

दिल्ली के रोहिणी के रहने वाले वरुण वत्स (Varun Vats) ने फेसबुक पर अपने पोस्ट में बताया, उनके कजिन की टेस्ट रिपोर्ट कोविड-19 पॉजिटिव आई. कुछ दिन बाद वरुण को भी बुखार, सिरदर्द, सर्दी जुकाम शुरू हुआ. उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किया. केंद्र सरकार के हेल्पलाइन नंबर, दिल्ली सरकार के हेल्प लाइन नंबर पर काफी देर तक मशक्कत की. कुछ देर बाद नंबर मिला तो दो सरकारी अस्पतालों ने उन्हें कहा कि वे कोरोनो वायरस के लिए लोगों का टेस्ट नहीं कर रहे हैं. अपने राज्य में कोरोना की स्थिति देखने के लिए यहां क्लिक करें.

दिल्ली में एक वकील अशोक अग्रवाल (Ashok Agarwal) ने कोरोना वायरस संदिग्ध एक बुजुर्ग का वीडियो शेयर किया, जिसे किसी भी अस्पताल में प्रवेश नहीं दिया गया था. एक अन्य वीडियो अरुण बोथरा द्वारा साझा किया गया है, जिसमें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के उल्लंघन को उजागर किया गया है. शख्स का कहना है कि COVID-19 मरीजों के शवों को इलाज कराने वालों के साथ रखा जाता है. वह आगे कहता है कि इलाज नहीं करवाने के बाद उसकी भाभी की कोरोना वायरस से मृत्यु हो गई.

रुखसार सलीम (Rukhsar Saleem) ने ट्विटर पर लिखा कि उनके COVID​​-19 पॉजिटिव ससुर को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका क्योंकि सभी बेड पर भरे हुए हैं. मेरे 69 वर्षीय ससुर, कोरोना पॉजिटिव होने के साथ गंभीर फेफड़े (ILD) रोगी, हार्ट पेशेंट, कैंसर सर्वाइवर हैं. उन्होंने बताया, मेदांता में कोई बेड उपलब्ध नहीं है. हम दोपहर से कोशिश कर रहे हैं. कृपया मदद करें. अपने ट्वीट में उन्होंने गुरुग्राम जिला कलेक्टर और हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया.

रुखसार सलीम का ट्वीट-

बॉलीवुड निर्माता अनिल सूरी का 4 जून को कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया है. अनिल के भाई, फिल्म निर्माता राजीव सूरी ने आरोप लगाया कि मुंबई के दो अस्पतालों ने प्रवेश से इनकार कर दिया. राजीव ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "उन्हें शीर्ष अस्पतालों, लीलावती और हिंदुजा में ले जाया गया, लेकिन दोनों अस्पतालों ने बेड ना होने का हवाला देकर अस्पताल ने भर्ती करने से इंकार कर दिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 06, 2020 05:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).