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उत्तराखंड कैबिनेट में ग्रेड-पे को लेकर हुए निर्णय के विरोध में उतरी समन्वय समिति

उत्तराखंड कैबिनेट में हुए ग्रेड-पे संबंधित निर्णय पर सचिवालय संघ के बाद अब उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति विरोध में उतर आई है. समिति ने पूरे मामले पर चर्चा और विरोध की रणनीति तय करने के लिए आठ अगस्त को बैठक बुलाई है.

उत्तराखंड कैबिनेट में ग्रेड-पे को लेकर हुए निर्णय के विरोध में उतरी समन्वय समिति
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी (Photo Credits: ANI)

देहरादून, 5 अगस्त : उत्तराखंड कैबिनेट में हुए ग्रेड-पे संबंधित निर्णय पर सचिवालय संघ के बाद अब उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति विरोध में उतर आई है. समिति ने पूरे मामले पर चर्चा और विरोध की रणनीति तय करने के लिए आठ अगस्त को बैठक बुलाई है. समिति के संयोजक पूणार्नंद नौटियाल और शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले समिति की मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से वार्ता हुई थीं. वार्ता में कई बिंदुओं पर शासन ने सहमति जताई थी. कुछ बिंदुओं पर शासनादेश जारी हुए और कई पर अभी तक जारी नहीं हो पाए हैं. जो शासनादेश हुए हैं, उनमें भी कई प्रकार की विसंगतियां हैं. जिसके कारण प्रदेश के कार्मिक शासन के इस प्रकार के शासनादेश जारी करने पर नाराज है. इसी कड़ी में शासन में बैठे अधिकारियों ने बिना सोचे समझे जल्दबाजी में डाउन ग्रेड वेतन का निर्णय कैबिनेट बैठक में करा दिया, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है.

उन्होंने कहा कि समन्वय समिति पर प्रदेशव्यापी आंदोलन का दबाव बढ़ रहा है. नौटियाल ने कहा कि डाउन ग्रेड वेतन के निर्णय में कहीं भी यह स्पष्ट नहीं है कि वर्तमान में कार्यरत कार्मिकों के पदोन्नति के पदों पर वर्तमान व्यवस्था एवं नियमों के अंतर्गत पदोन्नतियां की जाती रहेंगी या नहीं. यह निर्णय प्रदेश के कार्मिकों के भविष्य के लिए घातक है. आठ अगस्त को यमुना कॉलोनी स्थित सद्भावना भवन में सभी परिसंघ और घटक संघों की बैठक बुलाई गई है. यह भी पढ़ें : मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को चौथी मंजिल से फेंकने वाली महिला गिरफ्तार

बैठक में डाउन ग्रेड वेतन का पुरजोर विरोध करने के साथ ही पदोन्नति में शिथिलीकरण बढ़ाने, एसीपी का लाभ देने, गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करने, पुरानी पेंशन बहाली करने सहित अन्य सामूहिक मांगों पर पूर्व में हुए समझौते के अनुरूप शासनादेश जारी न होने के विरोध में भावी प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने डाउन ग्रेड वेतन के निर्णय को वापस नहीं लिया तो इस बार प्रदेश का प्रत्येक कार्मिक आरपार की लड़ाई के लिए कमर कस चुका है. चाहे इसके लिए कार्मिकों को कोई भी कीमत चुकानी पड़े. लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2022 03:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).