Cockroach Janata Party to Release Education Manifesto Today: देश की शिक्षा प्रणाली और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध तेज हो गया है. सोशल मीडिया से उपजे युवा आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आज महाराष्ट्र के पुणे से एक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है. सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी (SPPU) परिसर से शुरू हो रहे इस आंदोलन के तहत पार्टी अपना एक विस्तृत 'शिक्षा घोषणापत्र' (Education Manifesto) जारी कर रही है. इस आंदोलन की मुख्य मांग हाल ही में हुए नीट (NEET) विवाद और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है.
शिक्षा घोषणापत्र के मुख्य बिंदु और मांगें
पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दिपके ने बताया कि यह घोषणापत्र देश की प्रशासनिक विफलताओं को सुधारने के लिए तैयार किया गया है. इस घोषणापत्र का मुख्य उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को रोकना, परीक्षा परिणामों की समय पर घोषणा सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय स्तर की भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना है. इसके अलावा, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक देरी के कारण छात्रों को होने वाली समस्याओं के समाधान पर भी इसमें विशेष जोर दिया गया है. यह भी पढ़े: Cockroach Politics: सोशल मीडिया से सड़कों तक पहुंची ‘कॉकरोच पॉलिटिक्स’, यूथ कांग्रेस ने लॉन्च किया ‘इंडियन यूथ कॉकरोचेस’ अभियान, CJP और सरकार पर साधा निशाना
आंदोलन को मिला प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन
पुणे विश्वविद्यालय परिसर में शाम से शुरू हो रहे इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों और युवा संगठनों के शामिल होने की उम्मीद है. इस आंदोलन को देश के कई प्रमुख चेहरों का भी समर्थन मिला है. पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, सामाजिक कार्यकर्ता विश्वंभर चौधरी और कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट असीम सरोदे ने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों की मांगों का समर्थन करने की पुष्टि की है.
पुणे से दिल्ली के जंतर-मंतर तक का रोडमैप
कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. तय रणनीति के अनुसार, पुणे से शुरू होकर यह आंदोलन जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु जैसे देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में पहुंचेगा. इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं को लामबंद करते हुए 20 जून 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा और अनिश्चितकालीन प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा.
सरकार के रुख पर उठाए सवाल
पार्टी के संस्थापक दिपके ने दावा किया कि वे देश के करीब एक करोड़ से अधिक छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने सरकार पर संवाद से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझने के बजाय संगठन के सोशल मीडिया खातों को प्रतिबंधित किया जा रहा है. दिपके के अनुसार, यह आंदोलन देश के उन युवाओं की आवाज है जो खुद को मुख्यधारा की राजनीति से अलग-थलग महसूस करते हैं और व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.












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