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Priya Ghanghas Commonwealth Games 2026: प्रिया घनघस ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल, भारत को दिलाया एक और स्वर्ण पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में प्रिया घनघस का यह स्वर्ण पदक भारत की मुक्केबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी जीत ने न सिर्फ भारत की पदक तालिका को मजबूत किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय महिला मुक्केबाजी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है.

Priya Ghanghas Commonwealth Games 2026: प्रिया घनघस ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल, भारत को दिलाया एक और स्वर्ण पदक

Priya Ghanghas Wins Gold Medal At Commonwealth Games 2026 in Women's 60kg Boxing: भारत की युवा मुक्केबाज प्रिया घनघस ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है. शनिवार, 1 अगस्त को ग्लासगो में खेले गए फाइनल मुकाबले में हरियाणा की 20 वर्षीय प्रिया ने कनाडा की मैरी-बाथूल अल-अहमदिएह को 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया. यह भी पढ़ें: Unnati Sharma Commonwealth Games 2026: उन्नति शर्मा ने जूडो में जीता कांस्य पदक, भारत की झोली में आया एक और मेडल

इस जीत के साथ प्रिया घनघस ने अपने पहले सीनियर कॉमनवेल्थ गेम्स में ही स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी का गौरव बढ़ाया. इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लूसी किंग्स-व्हीटली को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी.

ऐसा रहा प्रिया घनघस का सफर

प्रिया ने अपने अभियान की शुरुआत क्वार्टर फाइनल से की, जहां उनका सामना मेजबान स्कॉटलैंड की नियाम मिशेल से हुआ. पहले राउंड में पिछड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 4-1 के स्प्लिट डिसीजन से जीत लिया और सेमीफाइनल में जगह बनाई. सेमीफाइनल में प्रिया ने इंग्लैंड की लूसी किंग्स-व्हीटली के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 5-0 से जीत दर्ज की. इसके बाद फाइनल में उन्होंने कनाडा की मैरी-बाथूल अल-अहमदिएह को कड़े मुकाबले में 4-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

कम उम्र में हासिल की बड़ी सफलता

हरियाणा के भिवानी की रहने वाली प्रिया घनघस ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. इसी साल उन्होंने उलानबटार (मंगोलिया) में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में 60 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था. वह सीनियर एशियाई खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय मुक्केबाज बनी थीं. इसके अलावा उन्होंने 2023 यूथ महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था और टूर्नामेंट की बेस्ट बॉक्सर चुनी गई थीं.

भारत के लिए बड़ी उपलब्धि

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में प्रिया घनघस का यह स्वर्ण पदक भारत की मुक्केबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी जीत ने न सिर्फ भारत की पदक तालिका को मजबूत किया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि भारतीय महिला मुक्केबाजी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2026 09:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).