ऑनलाइन क्लास से ऊब कर भागे हुए बच्चों को घर वापस लाया गया
ऑनलाइन कक्षाओं से ऊब चुके 11 और 9 वर्ष की आयु के दो बच्चे घर से भाग गए क्योंकि वे माता-पिता द्वारा डांटे जाने से परेशान थे. बच्चों ने दिल्ली के बवाना के लिए एक सवारी रोकी, जहां बच्चों को लावारिस देखकर एक ट्रैवल एजेंट को शक हुआ.
मथुरा, 25 जुलाई : ऑनलाइन कक्षाओं से ऊब चुके 11 और 9 वर्ष की आयु के दो बच्चे घर से भाग गए क्योंकि वे माता-पिता द्वारा डांटे जाने से परेशान थे. बच्चों ने दिल्ली के बवाना के लिए एक सवारी रोकी, जहां बच्चों को लावारिस देखकर एक ट्रैवल एजेंट को शक हुआ. उसने उनसे उनके परिवार के बारे में पूछताछ की और फिर पुलिस को सूचना दी. बच्चों ने कबूल किया कि वे उत्तराखंड के ऋषिकेश में वंचित बच्चों के लिए एक आवासीय स्कूल में जाना चाहते थे, जहां उन्हें फीस नहीं देनी होगी.
बच्चों ने अपने कपड़े और जूते पैक किए और शनिवार की तड़के घर से निकल गए. कोलाहर चौकी सब इंस्पेक्टर अरुण तेवतिया ने कहा कि बच्चों के माता-पिता ने उन्हें सुबह लापता पाया और कोलाहर पुलिस स्टेशन में धारा 363 (अपहरण) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. सीसीटीवी फुटेज में बच्चों को हाईवे की ओर जाते हुए दिखाया गया है. मथुरा के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शिरीष चंद्र ने कहा कि उन्हें बच्चों के बारे में एक अज्ञात नंबर से फोन आया और माता-पिता को सूचित किया. यह भी पढ़ें : अमेरिका: HIV पॉजिटिव युवक ने कई महिलाओं के संग बनाए शारीरिक संबंध, खुलासा होने के बाद 2 साल की हुई जेल
पुलिस की एक टीम बच्चों को दिल्ली से वापस लेकर आई. एसपी ने कहा कि बच्चों ने हमें बताया कि वे ऑनलाइन कक्षाओं से ऊब चुके थे. उन्हें घर पर भी डांटा जाता था, इसलिए उन्होंने एक आवासीय स्कूल में पढ़ने का फैसला किया. वृंदावन में दो डिग्री कॉलेज चलाने वाले अभिभावकों को अब सलाह दे रहे हैं कि लॉकडाउन के दौरान बच्चों में तनाव के लक्षणों की पहचान कैसे करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2021 04:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

