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UP Heavy Rain Alert: यूपी में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. राज्य के 50 से अधिक जिलों में जलभराव, बिजली आपूर्ति बाधित होने और मकान गिरने जैसी घटनाएं सामने आई हैं

UP Heavy Rain Alert: यूपी में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

UP Heavy Rain Alert:  उत्तर प्रदेश में पिछले 72 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है. राज्य आपदा राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, बारिश और आंधी-तूफान के कारण कई स्थानों पर जलभराव, बुनियादी ढांचे को नुकसान और यातायात में रुकावट की स्थिति बनी हुई है.

प्रभावित जिले और IM की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 59 जिलों के लिए मौसम की चेतावनी जारी की है. विशेष रूप से लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, हरदोई, प्रयागराज, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में अतिवृष्टि दर्ज की गई है.

फर्रुखाबाद में सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि कानपुर नगर और हरदोई में भी औसतन भारी बारिश हुई है. इसके अलावा पूर्वांचल के बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और महाराजगंज में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

जलभराव, ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे पर असर

लगातार हो रही बारिश से राजधानी लखनऊ और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों के निचले इलाकों और सड़कों पर पानी भर गया है. शहर के प्रमुख चौराहों पर पानी जमा होने के कारण यातायात की गति धीमी पड़ गई है.

ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं (40 से 60 किमी प्रति घंटे) और आकाशीय बिजली की वजह से कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा है. कई जिलों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद की गई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जनपदों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है.

प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य

प्रदेश सरकार ने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को तुरंत धरातल पर उतरकर राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

राहत आयुक्त कार्यालय ने एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF), होमगार्ड्स और लोकल सिविल डिफेंस टीम को अलर्ट मोड पर रखा है. बेघर हुए परिवारों को अंतरिम सहायता देने और क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

आगामी दिनों के लिए पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 36 घंटों के दौरान पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. 28 सितंबर से मौसम प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर पड़ने और स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई गई है.

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए खुले स्थानों में जाने से परहेज करें

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2026 07:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).