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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, भारत 70 फीसदी से ज्यादा बाघों का घर है, 53 अभयारण्यों में 2,967 बाघ हैं

2017 में अधिवक्ता अनुपम त्रिपाठी द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में स्थिति रिपोर्ट दायर की गई थी, जिसमें लुप्तप्राय बाघों को बचाने की मांग की गई थी, जिनकी संख्या देश में घट रही है. शीर्ष अदालत ने भट की दलीलें दर्ज कीं और मार्च में मामले की आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया, क्योंकि त्रिपाठी उपस्थित नहीं थे.

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, भारत 70 फीसदी से ज्यादा बाघों का घर है, 53 अभयारण्यों में 2,967 बाघ हैं
बाघ (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सूचित किया कि 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 53 बाघ (Tiger) अभयारण्यों में 2,967 बाघ हैं. केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति केएम जोसेफ और बीवी नागरत्ना की पीठ से कहा कि बाघों के संरक्षण और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए बहुत काम किया गया है, और उनकी वर्तमान संख्या 2,967 है.

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने शीर्ष अदालत में दायर एक स्थिति रिपोर्ट में कहा : "भारत दुनिया में 70 प्रतिशत से अधिक बाघों की आबादी का घर बन गया है. अखिल भारतीय बाघ अनुमान (2018) की एक व्यापक रिपोर्ट जुलाई को जारी की गई थी. 29, 2020 देश स्तर पर बाघों की स्थिति के आकलन का चौथा दौर 2018 में पूरा हुआ, जिसमें पिछले देश स्तर के अनुमान की तुलना में 2,967 बाघों की आबादी का अनुमान (निचली और ऊपरी सीमा क्रमश: 2,603 और 3,346) के साथ वृद्धि का संकेत है. 2014, 2,226 के अनुमान के साथ, 2010 के अनुमान के साथ 1,706 और 2006 के अनुमान के साथ, 1,411." Maharashtra: शिंदे-फडणवीस सरकार ने मुंबई के खेल मैदान से टीपू सुल्तान का नाम 'मिटाया'

रिपोर्ट में कहा गया है कि एनटीसीए के माध्यम से सरकार के प्रयासों के कारण बाघ को विलुप्त होने के कगार से उबरने के एक सुनिश्चित मार्ग पर ले जाया गया है, जो 2006, 2010, 2014 और 2018 में किए गए चतुष्कोणीय अखिल भारतीय बाघ अनुमान के निष्कर्षो से स्पष्ट है.

इसमें कहा गया है, "इन परिणामों ने बाघों की स्वस्थ वार्षिक वृद्धि दर 6 प्रतिशत दिखाई है, जो प्राकृतिक नुकसान की भरपाई करती है और बाघों को भारतीय संदर्भ में क्षमता स्तर पर रहने वाले आवासों में रखती है."

रिपोर्ट में कहा गया है कि अखिल भारतीय बाघ अनुमान का पांचवां चक्र अभी चल रहा है और यह 2023 में पूरा हो जाएगा.

उन्होंने कहा, "भारत में तेंदुओं की स्थिति जारी की गई थी, जिसमें 12,582 की जनसंख्या का अनुमान लगाया गया था, बाघ परिदृश्य के मूल्यांकन क्षेत्रों में रिपोर्ट किया गया था. यह वृद्धि 2014 में किए गए अंतिम आकलन की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक है."

2017 में अधिवक्ता अनुपम त्रिपाठी द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में स्थिति रिपोर्ट दायर की गई थी, जिसमें लुप्तप्राय बाघों को बचाने की मांग की गई थी, जिनकी संख्या देश में घट रही है. शीर्ष अदालत ने भट की दलीलें दर्ज कीं और मार्च में मामले की आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया, क्योंकि त्रिपाठी उपस्थित नहीं थे. 2017 में शीर्ष अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय, राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड और एनटीसीए को नोटिस जारी किया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2023 09:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).