इंधन पर कर का 68 फीसदी लेता है केंद्र, फिर राज्यों को दोष क्यों : राहुल गांधी

कांग्रेस ने गुरुवार को पेट्रोल, डीजल और ईंधन की ऊंची कीमतों और करों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि सरकार का संघवाद सहकारी नहीं बल्कि जबरदस्ती है.

राहुल गांधी (Photo Credits ANI)

नई दिल्ली, 28 अप्रैल : कांग्रेस ने गुरुवार को पेट्रोल, डीजल और ईंधन की ऊंची कीमतों और करों के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि सरकार का संघवाद सहकारी नहीं बल्कि जबरदस्ती है. पार्टी नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्विटर पर कहा, उच्च ईंधन की कीमतें -- राज्यों को दोष दें, कोयले की कमी -- राज्यों को दोष दें, ऑक्सीजन की कमी -- राज्यों को दोष दें. सभी प्रकार के इंधर का 68 फीसदी कर केंद्र सरकार ले रही है. फिर भी, पीएम जिम्मेदारी से बचते हैं. मोदी की संघवाद सहकारी नहीं है, जबरदस्ती है.

कांग्रेस कच्चे तेल की कम अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बावजूद ईंधन पर उच्च करों के लिए सरकार पर हमला करती रही है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया गया कि प्रधानमंत्री के बयान तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. उन्होंने मांग की, कि मोदी सरकार पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क का हिसाब दें, जिसके जरिए केंद्र ने पिछले आठ साल में 27 लाख करोड़ रुपए कमाए हैं. यह भी पढ़ें : मप्र: अनियमितता के आरोप में बिजली कंपनी के 13 अधिकारी निलंबित

राहुल गांधी ने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एकत्र किए गए करों का 68 प्रइंधन पर कर का 68 फीसदी लेता है केंद्र, फिर राज्यों को दोष क्यों : राहुल गांधीतिशत केंद्र सरकार के हिस्से में जाता है. 32 फीसदी राज्य सरकारों के पास आते हैं. ऐसे में राज्य सरकारों से उम्मीद करना, जो पहले ही जीएसटी के अपने हिस्से से वंचित हैं, मुझे लगता है कि यह अन्यायपूर्ण है.

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