Cashless Treatment Scheme: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा

केंद्र की मोदी सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज को लेकर बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट योजना का विस्तार किया गया है

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Cashless Treatment Scheme:   केंद्र की मोदी सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज को लेकर बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट योजना का विस्तार किया गया है, इसके तहत पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती होने के पहले सात दिनों के लिए प्रति दुर्घटना अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा. सरकार सीधे भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराएगी, ताकि तत्काल इलाज में किसी भी तरह की वित्तीय बाधा न आए.

योजना पायलट के रूप में लागू

इस योजना को पहले कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में पायलट रूप में लागू किया गया था और अब इसे पूरे देश में बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य सरकारों की मदद से तुरंत इलाज सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि सरकार एक मॉडल विकसित कर रही है ताकि विशेष एंबुलेंस दुर्घटना स्थल पर 10 मिनट में पहुँच सके. केंद्रीय आपातकालीन हेल्पलाइन और अपग्रेडेड एंबुलेंस सेवा को एकीकृत किया जाएगा. यह भी पढ़े:  Cashless Treatment For Accident Victims: देश में अब सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बड़ी घोषणा; VIDEO

‘राहवीर’ योजना


मंत्री ने बताया कि 2025 में शुरू की गई 'राहवीर' योजना के तहत दुर्घटना स्थल पर पीड़ित को अस्पताल पहुँचाने वाले लोगों को 'राहवीर' का खिताब और नकद पुरस्कार 25,000 रुपये (पहले 5,000 रुपये) मिलेगा. इसका उद्देश्य 'गोल्डन ऑवर' में बायस्टैंडर की मदद को बढ़ावा देना है. विशेष एंबुलेंस में ऐसे उपकरण होंगे जो खाई में गिरी गाड़ी के लिए उपयोगी हों और पैरामेडिकल स्टाफ की मदद करें.

केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ MoU करेगी

केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ MoU करेगी और ऐसे विशेष एंबुलेंस की लागत का भुगतान करेगी, बशर्ते कि एंबुलेंस दुर्घटना स्थल तक 10 मिनट में पहुँच जाए। मंत्री ने बताया कि समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप से भारत में लगभग 50,000 सड़क दुर्घटना मौतों को रोका जा सकता है।

योजना के उद्देश्य और लाभ:

गडकरी ने सड़क सुरक्षा को गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और चोटों को 50 प्रतिशत तक कम किया जाएगा. इसके लिए वाहन सुरक्षा मानक, कड़ी निगरानी और सड़क गुणवत्ता के लिए ठेकेदारों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी.

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