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जम्मू-कश्मीर में धार्मिक स्कूल के 3 शिक्षकों पर पीएसए के तहत मामला दर्ज, छात्र आतंकवादी गतिविधियों में पाए गए लिप्त

जम्मू एवं कश्मीर के शोपियां जिले के एक धार्मिक स्कूल के तीन शिक्षकों पर पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. दरअसल इस स्कूल के कुछ छात्र आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाए पाए गए थे. कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग, इन तीन जिलों के छात्र ज्यादातर इस स्कूल में नामांकित हैं.

जम्मू-कश्मीर में धार्मिक स्कूल के 3 शिक्षकों पर पीएसए के तहत मामला दर्ज, छात्र आतंकवादी गतिविधियों में पाए गए लिप्त
आईजीपी विजय कुमार (Phoot Credits: ANI)

श्रीनगर, 13 अक्टूबर: जम्मू एवं कश्मीर (Jammu-Kashmir) के शोपियां जिले के एक धार्मिक स्कूल के तीन शिक्षकों पर पुलिस ने सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत मामला दर्ज किया है. दरअसल इस स्कूल के कुछ छात्र आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाए पाए गए थे. सज्जाद भट इस धार्मिक स्कूल का पूर्व छात्र था, जिसने पिछले साल फरवरी में पुलवामा राजमार्ग पर सुसाइड बॉम्बर के तौर पर सेना के काफिले पर हमला किया था. हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे. आईजीपी (कश्मीर जोन) विजय कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि स्कूल प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी संगठन से संबद्ध है.

उन्होंने सोमवार को कहा, "हमने इस स्कूल, जिसका नाम सिराज-उलुम इमाम साहिब है, उसके तीन शिक्षकों पर मामला दर्ज किया है. पीएसए के तहत बुक किए गए शिक्षकों में अब्दुल अहद भट, मुहम्मद यूसुफ वानी और रौउफ भट शामिल हैं." उन्होंने कहा, "स्कूल हमारी निगरानी में है और इस विद्यालय के लगभग आधा दर्जन शिक्षकों की गतिविधियां निगरानी में हैं."

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उन्होंने आगे कहा, "हमारी वर्तमान कार्रवाई फिलहाल व्यक्तियों के खिलाफ है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो हम स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे." पुलिस का कहना है कि इस स्कूल के 13 छात्र आतंकवादी समूहों में शामिल हो गए हैं, जिसके बाद पूरा स्कूल खुफिया एजेंसियों के निशाने पर आ गया.

कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग, इन तीन जिलों के छात्र ज्यादातर इस स्कूल में नामांकित हैं. सख्त पीएसए किसी भी न्यायिक हस्तक्षेप के बिना किसी व्यक्ति को अधिकतम 2 साल तक हिरासत में रखने का अधिकार देता है. यह अधिनियम मूल रूप से लकड़ी तस्करों के खिलाफ लाया गया था, लेकिन 1990 के दशक की शुरुआत में उग्रवादी हिंसा के फैलने के बाद, आतंकवादियों और अलगाववादी राजनेताओं पर भी इस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2020 10:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).